अगर सीखना है तो बच्चों से सीखें : एक्‍टर असरानी

By: Inextlive | Publish Date: Mon 13-Nov-2017 04:49:52   |  Modified Date: Mon 13-Nov-2017 04:51:19
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अगर सीखना है तो बच्चों से सीखें : एक्‍टर असरानी
- 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं' डायलॉग सुनकर बजीं तालियां - हास्य अभिनेता असरानी ने मेरठ को बताया खुशमिजाज शहर

Meerut . पुराने जमाने में जो डायरेक्टर हमसे करवाता था, हम वहीं करते थे लेकिन आजकल की युवा पीढ़ी में गजब का टैलेंट हैं. खास बात यह है कि वह किसी और से नहीं बल्कि खुद से ही सीख कर इनोवेटिव तरीके से काम कर रहे हैं. यह कहना हैं हास्य अभिनेता असरानी का. रविवार को वह वेंक्टेश्वरा व‌र्ल्ड स्कूल में सेलिब्रेटिंग जिंदगी जियो जी भर के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कई अनुभव साझा किए.

 

बच्चे देश का भविष्य

बच्चे देश का भविष्य हैं. आज के दौर में जहां सभी जिंदगी की भागदौड़ में हैं वहीं हमें बच्चों से सीखना चाहिए. बच्चे किसी भी चीज में राजनीति नहीं करते. जो भी करते हैं ईमानदारी से ही करते है. उम्मीद है कि देश के भ्रष्टाचार को आने वाली पीढ़ी ही खत्म करेगी.

 

मेरठ से है खास लगाव

स्कूल में पहुंचे असरानी ने मेरठ के बारे में बोलते हुए कहा कि जो प्यार और सम्मान मुझे यहां आकर मिलता है वह वह आजतक किसी भी जगह नहीं मिला. चाहे देश हो या विदेश ऐसा अपनापन, ऐसा प्यार और सम्मान हमेशा इसी शहर से ही मिला है.

 

बच्चों को बनाएं संस्कारी

पहले जमाने की फिल्में साफ-सुथरी होती थी लेकिन अब हर किस्म की फिल्में बननी लगी हैं. फिल्म इंडस्ट्री काफी ब्रॉड हो गई हैं. ऐसे में स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को बेहतर संस्कार दें. पढाई-लिखाई तो सभी करवाते हैं लेकिन जो संस्कार दे रहे हैं आज के जमाने में वहीं हिट हैं.