रियलिटी चेक

सिविल लाइंस बस स्टैंड के गेट के सामने सवारियां भरती हैं प्राइवेट बसें

रोड पर बस खड़ी कर स्टैंड के अंदर से सवारियां ले जाते हैं कर्मचारी

dhruva.shankar@inext.co.in

ALLAHABAD: कभी आरटीओ विभाग अभियान चलाता है तो कभी रोडवेज के आरएम भी कार्रवाई का डंडा लेकर सड़क पर नजर आते हैं. लेकिन बस अड्डे के सामने से सवारियां उठाने में लाभ इतना अधिक है कि बस वाले साफ कहते हैं, जुर्माना भर देंगे साहब, पर गाड़ी में सवारी तो यहीं से बैठाएंगे. रोडवेज के सामने से प्राइवेट वाहनों के संचालन की हकीकत जानने के लिए रविवार को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने रियलिटी चेक की.

सुबह पांच से आठ बजे तक गुंडई

सिविल लाइंस बस अड्डे के सामने से लेकर हनुमान मंदिर चौराहे तक एक या दो नहीं बल्कि एक दर्जन बसें खड़ी थीं. पता चला ये सभी बसें सुबह पांच से आठ बजे तक यहां से सवारियां भरकर रवाना हो जाती हैं. बसें प्रतापगढ़, जौनपुर व बनारस की ओर जाती हैं. ठीक इसी समय रोडवेज की भी एक दर्जन से अधिक बसें रवाना होती हैं, लेकिन प्राइवेट वालों की वजह से उन्हें यहां से खाली ही रवाना होना पड़ता है.

एक यात्री लाओ, दस रुपये ले जाओ

एक-एक प्राइवेट बस के साथ चार-चार लोग लगे रहते हैं. उनका काम सिर्फ यही होता है कि बस अड्डे के अंदर घुसकर संबंधित स्थान की ओर जाने वाले यात्रियों को कम किराए का लालच देकर बाहर खड़ी बस में ले आएं. इसके लिए बस मालिक की ओर से उन्हें प्रति यात्री दस रुपया कमीशन मिलता है. हनुमान मंदिर के पीछे वाली सड़क पर सभी बस मालिक ग्रुप बनाकर बैठे रहते हैं और बस जाने के बाद सभी का बारी-बारी से हिसाब करते हैं.

जुर्माना की रकम दो दिन में कमा लेंगे

रविवार दोपहर बारह बजे सिविल लाइंस बस अड्डे के सामने खड़ी अमन ट्रेवेल की बस के खलासी को रोक कर जब कहा गया कि यहां बस खड़ी करने पर पकड़े जाओगे तो उसने तपाक से जवाब दिया.. 'तो क्या होगा साहब, जुर्माना भर देंगे, पर सवारी यहीं से बैठाएंगे और जुर्माने की रकम दो दिन में ही कमा लेंगे'.

बस कुछ दिन सतर्क रहते हैं

जब पूछा गया कि आरटीओ नहीं पकड़ता है क्या तो उसने कहा कि दो चार महीने पर आरटीओ या रोडवेज के आरएम साहब की ओर से अभियान चलाया जाता है. कई बार तो पहले ही सूचना मिल जाती है और कई बार पकड़े जाने पर दस से पंद्रह हजार तक का जुर्माना भरना पड़ता है, इतनी कमाई तो हम दो से तीन दिन में कर ही लेते हैं. पहले पता चलने पर बस खड़ी कर देते हैं.

शासन के निर्देश पर लगातार प्राइवेट बसों के खिलाफ अभियान चलता है. अभियान चलने के दौरान जुर्माना भरने के बावजूद बस वाले नहीं मानते हैं. हमारे साथ इस बात की भी मुसीबत होती है कि हमें पुलिस का पूरा सहयोग नहीं मिलता है.

रविकांत शुक्ला, एआरटीओ प्रवर्तन

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माह में सौ प्राइवेट बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है एआरटीओ प्रवर्तन रविकांत शुक्ला के अनुसार

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हजार रुपये तक जुर्माना का प्राविधान है बस अड्डे के सामने बस के पकड़े जाने पर

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किलोमीटर का सरकारी बस अड्डे का दायरा प्राइवेट वाहनों के लिए प्रतिबंधित होता है

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मीटर की दूरी में एक दर्जन बसें सवारियां बैठाती है सिविल लाइंस बस अड्डा के ठीक सामने से

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बजे से सुबहसे लेकर आठ बजे तक सभी को कर दिया जाता है रवाना

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रुपये प्रति यात्री कमीशन दिया जाता है बस मालिक की ओर से कर्मचारियों को