कहीं आपको भी टेकने न पड़ जाएं घुटने

By: Inextlive | Publish Date: Thu 12-Oct-2017 07:00:59
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कहीं आपको भी टेकने न पड़ जाएं घुटने

इलाहाबाद में लगातार बढ़ रहे हैं आर्थराइटिस के मरीज, उम्र की मोहताज नहीं रही बीमारी

शुरुआती तौर पर नजरअंदाज करना पड़ रहा है भारी

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ALLAHABAD: आर्थराइटिस यानी गठिया अब उम्र की मोहताज नहीं रही। यह बीमारी किसी भी उम्र में लोगों को अपना शिकार बना रही है। पहले 50 से 55 साल की एज में लोगों को घुटने के दर्द की शिकायत होती थी लेकिन अब यह किसी भी एज में दस्तक दे रही है। अधिकतर मरीज 40 से 45 साल की उम्र में ही आर्थराइटिस के लक्षणों से परेशान हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना मरीज के लिए अधिक घातक होता है।

अनियमित लाइफ स्टाइल है कारण

कम उम्र में आर्थराइटिस के लक्षणों का उभरना अनियमित लाइफ स्टाइल के कारण है। शारीरिक मेहनत कम होना और जरूरत से अधिक तेल, मसाले या जंकफूड का सेवन करने से भी घुटने में विकार पैदा होता है। इसे अनुवांशिक भी माना जाता है। लेकिन, जरूरी नहीं कि माता- पिता को नहीं होने पर यह बीमारी बच्चों को नही होगी। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह रोग अधिक पाया जाता है।

इन लक्षणों से रहिए होशियार

सूजन या लगातार दर्द होना

चलना फिरना या सीढि़या चढ़ना उतरना मुश्किल

नीचे बैठने या बैठकर उठने में दिक्कत

पालथी मारकर बैठना मुमकिन नही

इंडियन टॉयलेट यूज नहीं कर पाना

टांगों की शेप और चाल बिगड़ जाना

इसलिए होता है घुटने में दर्द

घुटने के ऊपर और नीचे की हड्डियों के बीच कार्टिलेज के क्षतिग्रस्त हो जाने से मरीज को दर्द होने लगता है। कार्टिलेज को कुदरती चिकनाई की परत कहते हैं जो चलने- फिरने में घुटने की हड्डियों को आपस में रगड़ने से बचाती है। आर्थराइटिस से बचाव के लिए डॉक्टर्स सबसे ज्यादा सलाह एक्सरसाइज की देते हैं। इस बीमारी के इलाज में आयुर्वेद और नेचुरोपैथी का भी अहम रोल है।

बीमारी से बचाएगी यह आदत

वजन बढ़ने से घुटनों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। बेहतर होगा कि बीएमआई 18 से 23 के बीच रखें.

जंकफूड से बचकर रहें। बच्चों को सप्ताह में एक से दो बार ही खिलाएं।

रोजाना कम से कम एक गिलास दूध जरूर पिएं., हरी सब्जी, ब्रोकली, चुकंदर, फल, ड्राई फ्रूट्स आदि का सेवन करें.

सप्ताह में कम से कम पांच दिन एक घंटे एक्सरसाइज करें। कई एक्सरसाइज मिलाकर करने से अधिक लाभ होता है.

घुटनों का दर्द हड्डियों की मामूली समस्या से है तो तिल या जैतून के तेल की मालिश करनी चाहिए.

महिलाओं को रोजाना धूप लेनी चाहिए। धूप में मौजूद विटामिन डी हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद होती है.

कुछ देसी नुस्खे भी आजमाएं

रात को एक चम्मच मेथी दाना एक कप पानी में भिगो दें। सुबह उठकर वह पानी पी लें और भीगा हुआ मेथी दाना भी चबा कर खा लें। यह प्रयोग गठिया दर्द के साथ- साथ डायबिटीज को रोकने में भी सहायक बताया जाता है।

हल्दी, मेथी और सोंठ का पाउडर समान मात्रा में मिला कर रख लें और सुबह- शाम पानी के साथ एक- एक चम्मच लें.

आर्थराइटिस को लेकर लोगों को होशियार रहना चाहिए। जोड़ों में दर्द, किडनी की खराबी, कैंसर की दवाओं के लेने या मेटोबोलिक एक्टिविटीज के चलते यूरिक एसिड जमा हो जाने से भी तकलीफ पैदा होती है। जोड़ों में क्रिस्टल भी जमा होने से आर्थराइटिस की समस्या बढ़ती है.

डॉ। जितेंद्र कुमार जैन, आर्थोपेडिक सर्जन, त्रिशला फाउंडेशन

शुरुआती लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए। अगर घुटने में दर्द की शिकायत लगातार बनी हुई है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर सही दिशा में जांच और इलाज हुआ तो मरीज को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। बशर्ते लोग इस रोग को लेकर जागरुक हो जाएं.

डॉ। एपी सिंह, आर्थोपेडिक सर्जन, बेली हॉस्पिटल

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