BAREILLY: मेयर डॉ. उमेश गौतम को अतिक्रमण अभियान पर रोक लगाने को लेकर स्विट्जरलैंड से ईमेल के जरिए धमकी के मामले का पुलिस 3 महीने बाद भी खुलासा नहीं कर सकी है. पुलिस ने स्विट्जरलैंड से ईमेल भेजने वाले के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन अब सीबीआई के इंटरपोल ने भी वहां से संधि न होने के चलते जानकारी मिलने से इनकार कर दिया है. इंटरपोल ने अब डिप्लोमेटिक वे यानि विदेश मंत्रालय के जरिए जानकारी मांगने के लिए कहा है. अब क्राइम ब्रांच सीनियर अधिकारियों से वार्ता कर जानकारी मांगेगी.

9 जनवरी को मिली थी धमकी

बता दें कि 9 जनवरी को उमेश गौतम को ईमेल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी. धमकी देने वाले ने खुद को अल्लाह रक्खा लिखा था. मेयर ने एसएसपी को शिकायत की थी, जिसके बाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. केस की जांच सर्विलांस सेल कर रही है. सर्विलांस सेल ने सबसे स्विट्जरलैंड की कंपनी प्रोटान.कॉम से ईमेल भेजने वाले की डिटेल मांगी थी लेकिन कंपनी ने नियमों का हवाला देते हुए फेडरल पुलिस यानी स्विट्जरलैंड पुलिस से संपर्क करने के लिए कहा था. उसके बाद सेल ने कम्प्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम (सीईआरटी) के जरिए फेडरल पुलिस से संपर्क किया था. सीईआरटी इंटरनेट से जुड़े मामलों को विदेश में डील करती है.

संधि न होने से प्रॉब्लम

सीईआरटी ने जबाव दिया था कि भारत की स्विट्जरलैंड से संधि नहीं है, इसलिए वहां से जानकारी हासिल नहीं की जा सकती है. उन्हें इंटरपोल के जरिए संपर्क करना चाहिए. इंडिया में सीबीआई इंटरपोल का काम देखती है. जिसके बाद सर्विलांस सेल ने सीबीआई से संपर्क किया था. अब वहां से जबाव आया है कि वहां से संधि नहीं है, इसलिए अब डिप्लोमेटिक चैनल के जरिए जानकारी मांगी जाए. जबाव में किस तरह से जानकारी मांगी जाएगी, इसके बारे में भी जानकारी दी गई है. अब सर्विलांस सेल विदेश मंत्रालय के जरिए संपर्क करेगा.

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