आगरा. भारत बंद का शहर में मिलाजुला असर देखने को मिला. कहीं बाजार खुला, तो कहीं दुकानदार खरीदारों का इंतजार करते रहे. शहर छावनी में तब्दील रहा. गत दिनों दलित प्रदर्शन के दौरान बवाल वाले स्थानों पर पुलिस की विशेष नजर रही.

सुबह से निकल गई थी पुलिस

जातिगत आरक्षण के विरोध में मंगलवार को विभिन्न संगठनों द्वारा बंद का आह्वान किया गया था. इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था. सोमवार को ही बैठक कर अधीनस्थों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे. सुबह ही फोर्स अपने प्वाइंट पर पहुंच गया. पुलिस की नजर इस पर थी कि कोई जबरन बाजार बंद न कराए और को लाठी, डंडा, बैनर और झंडा लेकन न निकले.

भारत बंद का शहर में दिखा असर

प्रशासन की मांग पर शहर में कई संगठनों ने भारत बंद का प्रदर्शन रद्द कर दिया था. इसके बाद भी इसका असर दिखाई दिया. कहीं भी न तो भीड़ दिखी और न ही प्रदर्शन हुआ. बाजार बंद नजर आए. इसके अलावा जो बाजार खुले थे, वहां पर भी सन्नाटा पसरा हुआ था. लोग भी घरों से बाहर नहीं निकले.

यहां रही विशेष चौकसी

धाकरान पर पीएसी बल व आरएएफ की तैनाती की गई थी. दो अप्रैल को हुए भारत बंद में प्रदर्शनकारियों ने कलक्ट्रेट से लेकर धाकरान तक हंगामा किया था. यहां की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया था.

फर्जी सूचना पर दौड़ी पुलिस

थाना सदर के मधु नगर पन्ना पैलेस के पास किसी ने जबरन बाजार बंद करवाए जाने की सूचना दी. सूचना पर पुलिस ने दौड़ लगा दी, लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला. सीओ सदर उदयराज सिंह के मुताबिक सूचना फर्जी थी. इसके अलावा मधु नगर में कुछ लोगों के द्वारा विनम्रता से बाजार बंद करवाए जाने की सूचना थी. उस दौरान पुलिस भी वहां पर खड़ी देख रही थी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया.

बाजारों में पसरा सन्नाटा

सिटी में कई बाजार खुले हुए थे लेकिन यहां पर ग्राहकों की भीड़ नहीं लग पाई. भारत बंद के चलते लोग घरों से बाहर नहीं निकले. पिछली बार हुई हिंसा की दहशत लोगों की जहन में थी.

पुलिस के थे पुख्ता इंतजाम

इस बार पुलिस पूरी तैयारी में दिखी. पुलिस ने पहले से ही वॉटर केनन, दमकल, रबर बुलट, आंसू गैस का इंतजाम किया हुआ था. जगह-जगह पर आरएफ व पीएसी की तैनाती भी थी. कलेक्ट्रेट तिराहे पर भी भारी संख्या में पुलिस बल था. जहां-जहां अधिक बवाल हुआ था, वहां पर पुलिस की विशेष निगाह बनी हुई थी.

नेता किए नजरबंद

भारत बंद के दौरान कहीं स्थिति न बिगड़ जाए, इसके चलते पुलिस ने कई लोगों को नजरबंद कर दिया था. पुलिस की सतर्कता के चलते भारत बंद सोशल मीडिया से बाहर नहीं निकल सका.