-वाराणसी के अलावा11 शहरों में हुए एंट्रेंस टेस्ट में 63 हजार कैंडीडेट्स के लिए थी व्यवस्था

-कैंपस में थे 29 सेंटर, बीए आ‌र्ट्स व सोशल साइंस में दाखिले के लिए कैंडीडेट्स ने दिया टेस्ट

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बीएचयू में सेशन 2018-19 के विभिन्न कोर्सेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट की शुरुआत रविवार से हुई. कुल 63 हजार कैंडीडेट्स के लिए व्यवस्था की गयी थी. वहीं बीएचयू में 29 सेंटर्स बनाए गए थे. जहां 36 हजार कैंडीडेट्स के लिए व्यवस्था की गयी थी. पहले दिन बीए आ‌र्ट्स कोर्स में एडमिशन के लिए कैंडीडेट्स ने अपनी काबिलियत परखी. फ‌र्स्ट शिफ्ट में हुए इस टेस्ट के लिए 33 हजार कैंडीडेट्स ने आवेदन किया था. इसके अलावा साउथ कैंपस सहित देश के 11 शहरों में भी सेंटर बनाये गये थे. बीएचयू के प्रवक्ता डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि 90 परसेंट कैंडीडेट्स टेस्ट में शामिल हुए. सेकेंड शिफ्ट में बीपीएड कोर्स में एडमिशन के लिए 12 से 1.30 बजे तक दो सेंटर पर टेस्ट हुआ. वहीं थर्ड शिफ्ट में शाम चार से छह बजे तक बीए ऑनर्स सोशल साइंस कोर्स में एडमिशन के लिए टेस्ट हुआ.

वीसी ने किया निरीक्षण

एंट्रेंस टेस्ट को सकुशल संपन्न कराने के लिए बाहर छह सेंट्रल आब्जर्बर की टीम बनाई गई थी. टीम ने लगातार परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण किया. वीसी प्रो. राकेश भटनागर ने भी एग्जाम सेंटर केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया और संबधित अधिकारियों को जरूरी निदेश दिये. वीसी के साथ कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन एमके पांडेय, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रॉयना सिंह, प्रो. श्रद्धा सिंह सहित तमाम अधिकारी केंद्रों का भ्रमण करते रहे.

सेंटर तक पहुंचा रही थी बस

बीएचयू गेट से कैंपस में सभी सेंटर के लिए मुफ्त में बस सेवा की व्यवस्था की गई थी. इसके अलावा सभी केंद्रों पर टेंट, कुर्सी, पानी का भी इंतजाम किया गया था. बीएचयू मेनगेट पर वालेंटियर्स भी तैनात थे. एसएस हॉस्पिटल के एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय के नेतृत्व में डॉक्टर्स, नर्सेज व पैरा मेडिकल स्टाफ की टीम सेंटर्स पर चक्रमण करती रही.

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मेल से दर्ज करा सकते हैं शिकायत

कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन मनोज कुमार पाण्डेय व एडिशनल कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. एसके उपध्याय ने बताया कि पांच दिन के अंदर प्रोजिनल आंसर की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाती है. यदि किसी कैंडीडेट को प्रश्न व उत्तर के बाबत किसी भी प्रकार की आपत्ति हो तो मेल के जरिये अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है. प्रश्न पत्र में किसी भी प्रकार की त्रुटि पर सभी कैंडीडेट्स को समान अंक की व्यवस्था की गयी है.

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एक प्रश्न की गलती का सबको िमला फायदा

-बीए आ‌र्ट्स में दाखिले के लिए हुए एंट्रेंस टेस्ट के एक क्वेश्चन के हिन्दी और अंग्रेजी वर्जन में था अंतर

-कैंसिल हुआ प्रश्न, सभी कैंडीडेट्स को मिलेंगे समान अंक

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बीए आ‌र्ट्स में एडमिशन के लिए हुए एंट्रेंस टेस्ट के दौरान ¨हदी-अंग्रेजी अनुवाद में हुई गड़बड़ी के कारण एक एक प्रश्न को कैंसिल कर दिया गया. परीक्षार्थियों द्वारा उठाए गए सवाल के बाद पर प्रशासन ने छात्र-छात्राओं को राहत प्रदान करते हुए सभी को एक समान नंबर देने का फैसला किया है. ऐसे में बिना हल किए ही बीए आर्ट के लगभग 33 हजार परीक्षार्थियों को तीन-तीन नंबर का लाभ होगा

वीसी से सीधे की शिकायत

वीसी प्रो. राकेश भटनागर ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया. आ‌र्ट्स फैकल्टी के ओल्ड सीएचसी बिल्डिंग में जब वह पहुंचे तो एक छात्रा ने 26वें नंबर के प्रश्न के बारे में शिकायत की. आरोप था कि इस प्रश्न में ¨हदी और अंग्रेजी के अनुवाद में अंतर है. हालांकि दोनों के उत्तर एक ही थे. इसके कारण परीक्षार्थी असमंजस में पड़ गए. वीसी ने उक्त छात्रा की सराहना की और अधिकारियों को इस मामले को तत्काल निपटाने के निर्देश दिए. कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन एमके पांडेय ने बताया कि यह मामूली त्रुटि थी. इस पर फैसला लिया गया है कि उक्त प्रश्न का सभी को समान नंबर दिया जाएगा.

एक क्चेश्चन का था झमेला

बीए आर्ट के लिए ¨हदी और अंग्रेजी दोनों ही विकल्प में प्रश्न आए थे. 26वें नंबर पर ¨हदी में प्रश्न था- किस वर्ष में मालिक मोहम्मद जायसी ने पद्मावत की रचना की थी?, लेकिन इसके वैकल्पिक उत्तर में वर्ष न लिखकर चार लोगों का नाम लिखा गया है. वहीं अंग्रेजी में पूछा गया है कि भारत में वाहाबी आंदोलन के संस्थापक कौन थे? हालांकि इस प्रश्न के अनुसार इसके वैकल्पिक उत्तर सही हैं.