Meerut: फेसबुक से डाटा चोरी का मामला इंटरनेशनल लेबल पर चर्चा का विषय है तो यहां भी एक बड़े घोटाले के तार फेसबुक डाटा चोरी से जुड़ गए हैं. चेक का क्लोन बनाकर एडीएम एलए के खाते से तीन करोड़ रुपये निकालने के मामले में जिस व्यक्ति का फोटो चस्पा किया गया था, ईओडब्लू ने उसे मोदीनगर से दबोच लिया. पूछताछ में उसने बताया कि उसकी फोटो फेसबुक से चोरी करके इस्तेमाल की गई है.

ऐसे निकाले तीन करोड़

गत 16 मार्च 2016 को गाजियाबाद के तत्कालीन एडीएम एलए कांता प्रसाद के खाते से किसानों के खाते में बाटने के लिए 20 करोड़ रुपये आए थे. इसी दौरान बंटी यानि फर्जीवाड़ा करने वाले युवक ने मनीष कुमार पुत्र भोपाल सिंह निवासी 589 विश्वास नगर साहनी मेरठ के नाम से पीएनबी में फर्जी कागजात लगाकर अकाउंट खुलवाया. इसके साथ एडीएम एलए कांति प्रसाद के चेक का क्लोन बनाया. इसके बाद आठ बार चेक के माध्यम से पीएनबी गाजियाबाद की शाखा से तीन करोड़ रुपये निकल लिए गए.

फर्जी आईडी का यूज

पीएनबी में बंटी यानी फर्जीवाड़ा करने वाले युवक ने फर्जी मनीष कुमार के नाम से पैन कार्ड, आधार कार्ड, पहचान पत्र आदि बैंक में जमा कराए. उसके आधार पर बैंक में खाता खोला गया. इसके साथ एक युवती का भी खाता खोला गया. वह युवती भी इसके साथ मिली हुई थी. ईओडब्लू के इंस्पेक्टर धर्मेश कुमार ने बताया कि तीन करोड़ की ठगी के आरोप में मोदीनगर से संजीव नाम के युवक को हिरासत में लिया गया था. उसका फोटो बैंक की आईडी में लगा हुआ था. पूछताछ में उसने बताया कि वह मोदीनगर में अपने परिवार के साथ रहता है. उसकी फेसबुक से चोरी करके बैंक में खाता खोलने के लिए आईडी लगाई गई थी. उसे बाद में छोड़ दिया गया है.

यूपी: 3 करोड़ की ठगी करने वाले ने तस्‍वीर की जगह लगाई फर्जी फेसबुक फोटो


फेसबुक पर संभालकर रखें डाटा

साइबर क्राइम में इस्तेमाल हो सकता है आपका डाटा

अगर आप फेसबुक यूजर है तो संभल कर चलाएं. फेसबुक में डाउनलोड किया गया आपका डाटा चोरी हो सकता है. साइबर सेल के इंस्पेक्टर परवेंद्र पाल सिंह का कहना है कि हर व्यक्ति को फेसबुक पर सावधानी बरतनी चाहिए. किसी भी अंजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट मंजूर नहीं करनी चाहिए. अगर आपकी फेसबुक प्रोफाइल में कोई आंतकवादी संगठन मिलता है तो आप भी देशद्रोह के मुल्जिम हो सकते हैं. किसी भी व्यक्ति को अपनी फेसबुक आईडी का पासवर्ड शेयर न करें.

540 मुकदमें पेडिंग

मेरठ में साइबर सेल में इस समय 540 मुकदमें पेंडिग पड़े हुए है, जिनकी जांच चल रही है. पेंडिंग पड़े मुकदमों से लोगों को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है.

साइबर क्राइम के कारण

1. गैर कानूनी कमाई

2. बदला लेने का मकसद

3. महिलाओं का अपमान

4. ब्लैकमेलिंग

5. राजनीतिक हित

चर्चित मामले

पिछले साल साइबर सेल में एब्लेज इंफो सोल्यूशन कंपनी के खिलाफ 37 अरब का आनलाइन ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ था. जिसमें कंपनी मालिक व मेरठ निवासी अनुराग गर्ग को पुलिस पकड़ चुकी है. इसके साथ पांच अन्य आरोपी भी जेल में है.

29 नवंबर 2017

हैकर्स ने एसएसपी मंजिल सैनी का भी फर्जी फेसबुक पर पेज बना दिया था. साइबर सैल में मुकदमा दर्ज हुआ था. अभी भी इस मामले की जांच पेंडिग है.

2 अक्टूबर 2017

एसएसपी के पीआरओ ग्रुप में एक युवक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आपत्तिजनक वीडियो सेंड कर दिया था. जिसमें एसएसपी मंजिल ने आरोपी युवक के खिलाफ साइबर सेल में मुकदमा दर्ज कराया था.

मैंने करीब छह साल पहले फेसबुक पर आईडी बनाई थी. सभी कुछ ओरिजनल इनफोरमेंशन डाउनलोड किया था. जब से पता चला है कि डाटा चोरी हो रहा है, मैंने फेसबुक से डाटा हटा लिया है.

संजय अलग, मोदीपुरम

फेसबुक पर हैकर्स डाटा चोरी करके गलत इस्तेमाल करते हैं. इसलिए फेसबुक पर परिवार की फोटो कभी डाउन लोड नहीं करनी चाहिए.

नरेंद्र गुप्ता, माधवपुरम

पिछले दो तीन साल से फेसबुक के यूजर आईडी की संख्या ज्यादा बढ़ गई है. जिससे लोग इनका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. फेसबुक चलाते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए.

मनोज गर्ग, सर्राफा व्यवसाई

फेसबुक के माध्यम से लोग अपने दूर रिश्तेदार व परिवार के लोगों के साथ कनेक्ट हो सकते है. अपने दोस्तों के साथ भी गपशप कर सकते है. कुछ हैकर्स इसका गलत इस्तेमाल कर रहे है.

आशीष गुर्जर, एडवोकेट

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