PATNA: बिहारी की ताकत को सुगर की नजर लग गई है. प्रदेश में महामारी की तरह फैल रही बीमारी युवा अवस्था में ही लोगों को परेशान कर रही है. आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश के म्.7 प्रतिशत पुरुष ब्लड प्रेशर की चपेट में है जबकि फ्.फ् प्रतिशत को हाई ब्लड प्रेशर है जो काफी घातक है. महिलाएं भी अधिक संख्या में तेजी से सुगर की चपेट में आ रही हैं. महिलाओं में उच्च ब्लड सुगर का लेवल तो पुरुषों से भी अधिक ब्.ख् है जबकि अति उच्च ब्लड सुगर का लेवल क्.9 प्रतिशत है. डॉक्टर भी इसे चिंता की बात बताते हैं क्योंकि तेजी से सुगर की चपेट में आ रहे लोगों में युवाओं की संख्या भी अधिक है.

पुरुषों में औरंगाबाद, महिलाओं में भभुआ आगे

जिलेवार सुगर के आंकड़ों पर गौर करें तो बिहार में सबसे अधिक पीडि़त औरंगाबाद में क्7.म् प्रतिशत है. यहां क्0.8 प्रतिशत पुरुषों को अति उच्च मधुमेह की बीमारी है. वहीं महिलाओं की बात करें तो भभुआ जिला टॉप पर है. यहां म्.फ् प्रतिशत महिलाएं उच्च मधुमेह की चपेट में हैं . भारत में 8 प्रतिशत पुरुषों को उच्च मधुमेह है और फ्.9 प्रतिशत को अति उच्च ब्लड सुगर है. महिलाओं में भ्.8 प्रतिशत को उच्च मधुमेह है जबकि ख्.8 को अति उच्च ब्लड सुगर है.

सुगर महामारी के रुप में पैर फैला रहा है. अनियमित दिनचर्या और खान पान में लापरवाही के कारण बीमारी लोगों को परेशान कर रही है. इसमें अधिक संख्या में युवा शामिल हैं जिन्हें सुगर है. लाइफ स्टाइल और खान पान पर नियंत्रण रखकर ही सुगर को मात दिया जा सकता है.

-अरविंद मिश्रा, रिसर्च एसोसिएट

विकास संवाद