पैसेंजर्स से पहले कांवरिए होंगे ट्रेन में सवार

By: Inextlive | Publish Date: Sun 16-Jul-2017 07:40:57
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पैसेंजर्स से पहले कांवरिए होंगे ट्रेन में सवार

- कैंट स्टेशन पर सावन में कांवरियों के लिए बना प्लान

- - GRP ने कसी कमर, दूसरे डिस्ट्रिक्ट से पहुंची फोर्स

VARANASI

इस बार कांवरिए कैंट रेलवे स्टेशन पर मनमानी नहीं कर पाएंगे। जीआरपी व आरपीएफ के आगे उनकी एक नहीं चलेगी। इसके लिए खास प्लान बनाया गया है। जिससे वे बिना हुड़दंग किए आसानी से कैंपस के बाहर निकल जाएं। यही नहीं ट्रेन में सवार होते समय भी ये निर्धारित कोच में ही चढ़ेंगे। स्लीपर व एसी कोच में किसी भी हाल में कांवरिए नहीं चढ़ पाएंगे। कारण कि इनके रिजर्व कोच में चढ़ जाने से पैसेंजर्स को बहुत प्रॉब्लम होती है। कई बार रिजर्वेशन होने के बाद भी पैसेंजर्स खड़े होकर जर्नी करते हैं तो कई अपनी सीट तक नहीं पहुंच पाते। इससे बचाने के लिए नयी कवायद की गयी है।

जनरल कोच पहले

सावन के दौरान ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही उसमें सवार होने के लिए जबरदस्त धक्का- मुक्की होती है। इसमें कांवरिए आगे रहते हैं। ये शिवभक्त कोच में सवार हो जाते हैं और पैसेंजर्स जिनका संबंधित कोच में कंफर्म सीट रहता है वे नीचे ही रह जाते हैं। इसमें बुजुर्ग, महिलाओं, बीमार, बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर स्टेशन से होकर गुजरने वाली कोच में पहले से बैठे लोग कांवरियों के चलते डिस्टर्ब हो जाते हैं। इसको देखते हुए इस बार जीआरपी व आरपीएफ ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद पहले जनरल कोच का दरवाजा खोलेगी। इसके बाद स्लीपर व एसी कोच का दरवाजा खोला जाएगा। ताकि रिजर्वेशन कराए पैसेंजर्स आसानी से अपनी सीट तक पहुंच सकें।

तैनात रहेंगे जवान

स्टेशन कैंपस में कांवरियों को कंट्रोल करने के लिए रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन ने जबरदस्त तैयारी की है। इसके तहत सभी नौ प्लेटफॉर्म पर जवानों को तैनात किया गया है। इनकी जिम्मेदारी उस प्लेटफॉर्म पर पहुंचने वाली ट्रेंस में पैसेंजर्स सहित कांवरियों को बिना हंगामा के बैठाने की होगी। जरूरत पड़ने पर इन प्कॅइंट्स पर रिजर्व जवानों को भी भेजने का इंतजाम है। यही नहीं फुट ओवर ब्रिज, मेन हॉल, रिटायरिंग हॉल, सर्कुलेटिंग एरिया, यूटीएस काउंटर पर भी जवान नजर रखेंगे।

सावन में कांवरियों के आने- जाने से पैसेंजर्स को परेशानी से बचाना उद्देश्य है। दोनों को आसानी से ट्रेंस में बैठाने से लेकर बाहर निकालने का प्लान बनाया गया है।

अनिल राय, सीओ

जीआरपी, कैंट स्टेशन

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इतने मिले जवान

- ख्फ् एसआई

- दो इंस्पेक्टर

- ब्ख् कांस्टेबल

- एक प्लाटून पीएसी

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