GORAKHPUR: रिटायर्ड दरोगा जयहिंद यादव व उनके बेटे नागेंद्र यादव की हत्या के मामले में मंगलवार देर रात पुलिस ने नौ लोगों पर केस दर्ज किया. इनमें से अभी तक एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है. आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं. आरोपी बनाए गए नौ लोगों में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व अधिवक्ता बसंतलाल यादव भी शामिल हैं.

बेटे की तहरीर पर दर्ज हुआ केस

मृतक जयहिंद यादव के बेटे राममिलन यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि छह जनवरी 2016 को उसके भाई कौशल और चाचा बलवंत की हत्या हुई थी. उसकी पैरवी के लिए मंगलवार को पिता जयहिंद, भाई नागेंद्र और वह अपने चाचा जयगोविंद के साथ अलग-अलग बाइक से दीवानी कचहरी गए थे. मुकदमे की पैरवी में एक मई 2018 को अगली तारीख पड़ गई. कोर्ट में आए दूसरे पक्ष ने सुलह का दबाव बनाना शुरू कर दिया था. पिता ने सुलह से इनकार कर दिया. इसके बाद बसंतलाल, रामदरश, सुदर्शन, रामलखन, शर्मा आदि रास्ते में बताने की धमकी देते हुए कोर्ट से निकल गए. राममिलन यादव का कहना है कि वे और चाचा जयगोविंद व पिता जयहिंद और भाई नागेंद्र अलग-अलग दो बाइक से गांव के लिए निकले. राममिलन और चाचा गोबड़ौर चौराहे पर एक काम से रुक गए. पिता और भाई गांव की तरफ बढ़ गए. काम होने के बाद वह भी पीछे-पीछे निकला लेकिन दोनों बाइक के बीच करीब 100 मीटर का फासला हो गया.

घेरकर की गई हत्या

राममिलन ने बताया कि पिता और भाई गजाईकोल पुलिया के पहले ही पहुंचे थे कि वहां पहले से मौजूद सुगहा निवासी राघवेंद्र, रामदरश, सुदर्शन, शर्मा, बसंतलाल, रामलखन, रामसजन, संतोष, रमाकांत ने भाई और पिता को रोक लिया. खतरा भांप कर पिता और भाई बाइक से कूद कर अलग-अलग दिशा में भागने लगे. पिता को रोड से बाएं तरफ खेत में 15 मीटर की दूरी पर दौड़ाकर घेरकर तमंचा लिए राघवेंद्र, सुदर्शन, रामलखन और लाठी लिए शर्मा और रामदरश ने दोपहर करीब 3.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी. भाई नागेंद्र रोड से दाहिने तरफ भागा तो उसको हाथ में तमंचा लिए संतोष, रमाकांत व लाठी लिए बसंतलाल और रामसजन ने दौड़ा लिया. उसे दौड़ाकर रामचंद्र के घर के पीछे गोली मारकर हत्या कर दी गई. सभी आरोपी हत्या के बाद असलहा और लाठी लहराते हुए भाग गए. राममिलन की तहरीर पर पुलिस ने राघवेंद्र यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व अधिवक्ता संतलाल यादव, रामदरश, सुदर्शन, रामलखन, शर्मा, रामसजन, संतोष व रमाकांत के खिलाफ 147,148,149,302 व 7सीएलए के तहत केस दर्ज किया है. राममिलन के भाई कौशल और चाचा बलवंत की हत्या में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था. जिसमें राघवेंद्र, बसंतलाल, रामलखन, पप्पू और पन्ने लाल नामजद हुए थे. इनमें से तीन आरोपियों को पिता और भाई की हत्या में रामलखन ने अभियुक्त बनाया है.

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