भूकंप के बाद ब्रह्मपुत्र नदी में बनी 3 कृत्रिम झील
पिछले महीने तिब्बत में 6.4 तीव्रता के भूकंप से भूस्खलन के बाद ब्रह्मपुत्र नदी (चीन में यारलुंग सांगपो) में तीन बड़ी कृत्रिम झील बन गई हैं। इन झीलों का आकार और इनमें पानी की मात्रा का अभी पता नहीं लग पाया है। झील बनाने वाले चट्टानों के खिसकने से अरुणाचल प्रदेश और असम में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसे लाखों लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने बताया कि चीन मौजूदा संपर्कों के जरिये सीमा पार बहने वाली नदियों को लेकर भारत के साथ संवाद कायम रखेगा।
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सेटेलाइट से लगा रहे झील का पता
उन्होंने कहा कि चीन के अधिकारियों ने भारत-चीन सीमा के पूर्वी क्षेत्र में इन झीलों का पता लगाया है। इनका निर्माण प्राकृतिक कारणों से हुआ है, न कि मानव द्वारा। उन्होंने सेटेलाइट से झील का पता लगने का जिक्र करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय मीडिया इसको लेकर बेबुनियाद अटकलें नहीं लगाएगा।
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अजीत डोभाल से चीन की हुई थी चर्चा
इससे पहले चीन ने उन खबरों को खारिज किया था कि शिनजियांग क्षेत्र में पानी ले जाने के लिए बड़ी सुरंग बनाने से ब्रह्मपुत्र नदी अत्यधिक प्रदूषित हो गई। बताया जाता है कि 22 दिसंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के स्टेट काउंसिलर यांग जेइचि की मुलाकात में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी।
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