BAREILLY: डीजीपी की सख्ती का भी पुलिसकर्मियों पर कोई असर नहीं दिख रहा है. भोजीपुरा में मुखबिर के जरिए 5 ठगों को अपने जाल में फंसाकर तीन सिपाहियों ने लूटपाट की. यही नहीं उन्होंने ठगों को भी बंधक बना लिया और छोड़ने के लिए 87 हजार रुपए वसूले. यहां तक कि कब्जे में ली गई बाइक को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपए की मांग की. जब एक ठग की पत्‍‌नी ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की तो मामले की जांच में पूरा खेल सामने आ गया. पुलिस ने पीडि़त की पत्‍‌नी की तहरीर पर कोतवाली में तैनात सिपाही प्रतीक और पुलिस लाइंस में तैनात पुसकिन समेत 3 सिपाहियों पर एफआईआर दर्ज की है. वहीं पुलिस ने 5 ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की है. उनसे नकली सोने के 5 सिक्के भी बरामद किए हैं. इससे पहले देवरनिया, रजऊ, बहेड़ी और मीरगंज में पुलिसकर्मियों पर वसूली और मारपीट के केस दर्ज हुए हैं.

गड्ढा खोदने का किया नाटक

बकैनिया हाफिजगंज निवासी फिरदौस बी का आरोप है कि 19 मार्च को चंपतपुर भोजीपुरा निवासी मुनीश शर्मा ने उसके पति नायाब हुसैन को बुलाया और कहा कि उसके घर में सोना गड़ा है, जिसे निकलवाना है. उसके पति ने गड़ा सोना निकालने वाले जादोपुर निवासी मोहम्मद कौशर, भेरपुरी खजुरिया निवासी अखलाख, बाबू खां और प्रेमपाल कटियार उर्फ अमर सिंह से संपर्क किया. 21 मार्च की शाम 6 से 7 बजे सभी उसके मकान पर गए. यहां पर मुनीश शर्मा पहले से मौजूद था. सभी लोग मकान के अंदर गए और गड़ा सोना ढूंढने के बहाने गड्ढा खोदने का नाटक किया.

कमरे में बनाया बंधक

फिरदौस का आरोप है कि मुनीश के घर जाने पर तीन अन्य लोग आ गए, जिसमें से दो ने खुद को एसओजी का सिपाही बताया. इसके बाद वहां उसके पति नायाब हुसैन व अन्य सभी को घर के अंदर बंद कर दिया और मारपीट शुरू कर दी. सभी ने उनकी जेब में रखे रुपए छीन लिए और कमरे में बंद कर दिया. एसओजी के सिपाहियों ने उसके पति से घर फोन कराया और छोड़ने के लिए एक लाख रुपयों की डिमांड की. पति का फोन आने पर वह 43 हजार रुपए लेकर चौपुला चौराहा पुलिस लाइंस के पास पहुंची. यहां उससे रुपए ले लिए और उसके पति से एटीएम कार्ड और मोहम्मद कौशर का सिम छीन लिया. यही नहीं उसके पति के एटीएम का कोड पूछकर एटीएम से 40 हजार रुपए निकाल लिए. उन्होंने प्रेमपाल, बाबू खां और मोहम्मद अहमद को छोड़ दिया लेकिन उसके पति, अखलाख और कौशर को कार में बैठाए रखा. कौशर के बेटे इमरान से भी 4 हजार रुपए छीन लिए. उसके बाद तीनों को छाेड़ दिया.

बाइक छोड़ने के 20 हजार मांगे

पुलिसकर्मियों की बदमाशी यहीं नहीं रुकी, उसके बाद उन्होंने नायाब के मोबाइल पर फोन किया कि बाइक छुड़ाने के लिए 20 हजार रुपए और लेकर आने होंगे. उसके पति और अखलाख 25 मार्च को रुपए लेकर मुनीश के घर पहुंचे और रुपए न होने की बात कही. इसके बाद भी जब उसके पति को नहीं छोड़ा गया तो उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की. जब पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कराई तो पता चला कि कोतवाली में तैनात सिपाही प्रतीक और पुलिस लाइंस में तैनात पुसकिन व एक अन्य ने पूरी वारदात को अंजाम दिया है. उसके बाद पुलिस ने मुनीश शर्मा, प्रतीक और पुसकिन के खिलाफ लूटपाट व बंधक बनाने की एफआईआर दर्ज कर ली. यही नहीं पुलिस ने 5 ठगों को भी गिरफ्तार कर लिया. वहीं पुलिस का कहना है कि ठगों के पकड़ने के बाद पूछताछ में उनके साथ सिपाहियों द्वारा लूटपाट का खुलासा हुआ है.

प्लान के तहत बुलाया ठगों को

दरअसल मुनीश शर्मा, पुलिस का मुखबिर है. वह गड़ा सोना निकालने का झांसा देने वाले ठगों को जानता था. उसने सभी को प्लान के तहत अपने घर बुलाया था. ठग, गड़ा सोना निकालने के दौरान असली सोने की डिमांड करते हैं और उसके बाद असली सोना लेकर नकली सोना थमाकर फरार हो जाते हैं. मुनीश को भी इस बारे में पता था. जब ठगों ने उससे सोना मांगा तो उसने नकली सोना पकड़ा दिया. ठगों को तुरंत नकली सोने का पता चला तो झगड़ा हो गया. जिसके बाद मुनीश ने अपने साथी सिपाहियों को बुला लिया और सभी को बंधक बना लिया.

युवक की पिटाई में हो चुका सस्पेंड

कोतवाली में तैनात कांस्टेबल प्रतीक पहले भी वाहन चोरी के शक में खटीमा के अनुज कुमार की पिटाई से मौत के मामले में सस्पेंड हो चुका है. 21 अप्रैल 2017 को अनुज को बिहारीपुर में अखिल कुमार ने अपनी चोरी की बाइक के साथ पकड़ लिया था. जिसके बाद उसे क्राइम ब्रांच उठाकर ले गई थी और उसकी जमकर पिटाई की थी. अनुज की 25 मई 2017 को मौत हो गई थी, जिसके बाद उस वक्त क्राइम ब्रांच में तैनात कांस्टेबल प्रतीक, एचसीपी जगवीर सिंह, कांस्टेबल राहुल कुमार, अरुण कुमार और पुलकित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. जिसके बाद सभी को सस्पेंड कर दिया गया था. जैसे ही सिपाहियों को मामले का खुलासा होने और उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज होने का पता चला तो दोनों सिपाही शहर छोड़कर ही फरार हो गए हैं. सूत्रों की मानें तो दोनों बाइक से गए हैं और साथ में जरूरत का भी सामान ले गए हैं.

पुलिस के लूट, वसूली और पिटाई के कारनामे

-बहेड़ी में मेले में दुकानदार का सामान फेंकने और फिर सामान छोड़ने के नाम पर 50 हजार रुपए की मांग करने में कस्बा चौकी इंचार्ज अशोक कुमार पर एफआईआर व सस्पेंड

-रजऊ चौकी इंचार्ज बालिस्टर सिंह त्यागी पर शराब तस्करों से गाड़ी छोड़ने के नाम पर 1 लाख रुपए की डिमांड करने पर एफआईआर व सस्पेंड

-देवरनियां चौकी इंचार्ज पर लड़की भगाने के मामले में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने का आरोप, चौकी इंचार्ज पर एफआईआर व सस्पेंड

-मीरगंज में पशु चोरों के शक में पीडि़त की पिटाई करने के मामले में एसआई उमेश यादव, ट्रेनी एसआई अभिनव व सिपाही पर एफआईआर, लाइन हाजिर

सिपाहियों पर ठगों के साथ लूटपाट का आरोप लगा है. सिपाहियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. 5 ठगों को भी गिरफ्तार किया गया है.

जोगेंद्र कुमार, एसएसपी

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