सिटी में आए दिन चेन स्नेचिंग की वारदातों ने रांची पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोग पूछ रहे हैं कि क्या चेन स्नेचर्स को रांची पुलिस का भय नहीं रहा या फिर पुलिस उनपर लगाम कसने में ही विफल साबित हो रही है.

राह चलती महिलाओं को चेन स्नेचर्स का खौफ सता रहा है. कब और कहां गले से सोने की चेन खींच जाए कहना मुश्किल है. आलम यह है कि महिलाएं घर से निकलने से पहले चेन पहनने में डरने लगी हैं. पुलिस पर भी भरोसा नहीं रहा. हमेशा डर बना हुआ है.

रंधीर कुमार

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राजधानी रांची में रहने वाले लोग अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. शहर में बाइकर्स का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि कब अनहोनी हो जाए कहा नहीं जा सकता है. बाजार गई महिला के परिजनों को उसके सुरक्षित घर लौटने की चिंता सता रही है.

पशुपति

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रांची पुलिस लाख दावे कर ले, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि अपराधियों पर अब इनका जोर नहीं चल रहा है. आए दिन शहर में लूट, छिनतई की वारदातों ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है. लोग राजधानी में खुद को सेफ नहीं मान रहे हैं.

रंधीर पांडेय

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