बचके रहना! यह बैंकिंग ट्रोजन वायरस धमक के साथ उड़ा रहा है Gmail-facebook और बैंक पासवर्ड

By: Chandra Mohan Mishra | Publish Date: Mon 20-Nov-2017 07:54:28
A- A+
बचके रहना! यह बैंकिंग ट्रोजन वायरस धमक के साथ उड़ा रहा है Gmail-facebook और बैंक पासवर्ड
भाईयों और बहनों हो जाओ सावधान, इंटरनेट पर आ धमका है एक नया वायरस। बैकिंग मालवेयर ट्रोजन कैटेगरी का यह वायरस Terdot आजकल धुंआधार तरीके से लोगों के जीमेल और फेसबुक के पासवर्ड चुराने में जुटा है। क्‍या है ये वायरस और आप इससे कैसे बच सकते हैं, जानिए आगे।

यूं तो जब देखो इंटरनेट की दुनिया में आकर कोई न कोई कंप्‍यूटर वायरस पूरी दुनिया को डराया ही करता है। रैनसम वेयर ने तो बकायदा फिरौती के अंदाज में कंप्‍यूटर डेटा को खुलवाने के पैसे मांगे थे। अब आया है Terdot वायरस। रोमानिया की साइबर सेक्‍योरिटी और एंटी वायरस कंपनी बिट डिफेंडर ने एक बैकिंग मालवेयर वायरस खोज निकाला है। इसे नाम दिया गया है Terdot। यूं तो इस वायरस ने पिछले साल यानि 2016 में भी हल्‍का फुल्‍का अटैक किया था, तब ही उसकी पहचान हुई थी। आजकल यह बैकिंग ट्रोजन वायरस फेसबुक, जीमेल से लेकर क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स के पासवर्ड चुराने में जुटा हुआ है। Terdot वायरस 7 साल पहले यानि 2011 में आए Zeus ट्रोजर वायरस पर ही बेस्‍ड है।

 

किसको बना रहा है अपना निशाना
एंटीवायरस कंपनी बिट डिफेंडर ने बताया है कि‍ Terdot ट्रोजन वायरस ने हाल फिलहाल कनाडा की कई बैकों और उनके कस्‍टमर्स को निशाना बनाया है। Terdot नेट बैकिंग और क्रेडिट कार्ड के पासवर्ड से लेकर जीमेल, फेसबुक, और याहू जैसे बड़े सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर काम कर रहे यूजर्स के आईडी और पासवर्ड चुरा रहा है और कंपनियों के सर्वर्स को इसकी भनक भी नहीं लग रही है। ऐसे में बैकिंग यूजर्स से लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के पर्सनल डेटा को इस ट्रोजन वायरस से काफी खतरा है।

tech news in Hindi, Cyber alert, computer virus, banking malware, Terdot virus, Zeus virus, banking malware, virus alert, trozen Terdot, hacking, steal gmail password, steal facebook password

इस पावरबैंक से तो पूरे घर को बिजली मिल जाएगी, वो भी 12 सालों तक, कीमत उड़ा देगी होश

ऐसे काम करता है Terdot वायरस
Terdot वायरस कई दूसरे वायरस की ही तरह ब्राउजर के थ्रू अटैक करता है और बिना किसी नोटिफिकेशन मैसेज के ब्राउजिंग प्रोसेस में खुद को इंजेक्‍ट कर देता है। इसकी पहचान बहुत ही मुश्किल है, क्‍योंकि ये एंटीवायरस की नजरों से बचने के लिए किसी भी जिप फाइल में किसी भी तरह की फाइल में आ सकता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि यह बिना किसी को सूचना दिए अपने आप ही डाउनलोड हो जाता है। यह वायरस मैन इन द मिडिल बेसिस पर काम करता है, यानि कि किसी भी तरह के डेटा ट्रांजेक्‍शन के दौरान अपना काम दिखाता है और कंपनियों के सर्वर इसे आसानी से पकड़ भी नहीं पाते।


स्मार्टफोन जल्द बनेगा आपका सच्चा दोस्त क्योंकि वो आपकी महक सूंघकर ही अनलॉक हो जाएगा!

स्‍टैंडर्ड एंटी वायरस ही रोकने में सक्षम
आपको बता दें कि दुनिया के कुछ स्‍टैंडर्ड और पॉपुलर एंटीवायरस ही Terdot ट्रोजन एंटीवायरस को पहचानने और पकड़ने में सक्षम हैं। तो अगर अपने तमाम ऑनलाइन अकाउंट्स के पासवर्ड चोरी होने से बचाना है, तो अपने सिस्‍टम और स्‍मार्टफोन पर ऐसा एंटीवायरस जरूर इंस्‍टॉल करवा लें।

Technology News inextlive from Technology News Desk

खबरें फटाफट