DEHRADUN: पहाड़ों में अचानक मौसम बदलने की सूचना अब 15 मिनट पहले पता चल जाएगी. इसके लिए प्रदेश में तीन स्थानों मसूरी, मुक्तेश्वर और पिथौरागढ़ में डॉप्लर रडार लगाए जाएंगे. पहला डॉप्लर रडार मसूरी में लगाया जाएगा और 18 माह में तीनों लगा लिए जाएंगे. पहाड़ों में मौसम की रियल टाइम जानकारी के लिए अगले चार महीने में 179 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे. मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने गुरुवार को इस विषय पर सचिवालय में भारतीय मौसम विभाग के उप महानिदेशक डॉ डी.प्रधान के साथ चर्चा की. मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा के लिए उन्हें मौसम की रियल टाइम जानकारी दी जाए. कहा कि मानसून से पहले ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित कर दिए जाएंगे. एसएमएस के अलावा यात्रा मार्ग पर जगह जगह डिस्प्ले बोर्ड भी लगाया जाएंगे. ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन लगने से रियल टाइम पूर्वानुमान करने में सुविधा होगी. राज्य के हर ब्लॉक में स्टेशन की स्थापना होगी.

आपदा प्रबंधन में कारगर होंगे:

ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित हो जाने से बादल, बारिश, हिमस्खलन, बादल फटने, तूफान, ओलावृष्टि की जानकारी तुरंत मिल सकेगी. जिससे पर्यटन, खेती, बागवानी को आपदा से बचाने में मदद मिलेगी. ऑटोमेटिक वेदर स्टेशनों को भारतीय मौसम विभाग संचालित करेगा. इसके लिए सरकार ने मौसम विभाग से एमओयू किया है. इन सभी स्टेशनों का डेटा भारतीय मौसम विभाग के नेटवर्क से जुड़ जाएगा. हर 15 मिनट में मौसम के पूर्वानुमान का रियल टाइम डेटा मिलता रहेगा. प्रदेश मे 7 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन को वीसैट और अन्य को जीपीआरएस से चलाया जाएगा. इनमें 28 ऑटो रेन गेज, 25 एडवांस सरफेस ऑब्जरवेशन, 16 ऑटो स्नो गेज भी शामिल हैं. बैठक में अपर सचिव सविन बंसल निदेशक भारतीय मौसम केंद्र देहरादून, विक्त्रम सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.