क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : जी.. अपने जिले की रिपोर्ट दें.. सर, दस मिनट लगेगा.. काउंट कर रहे हैं.. जल्दी कीजिये .. रांची की रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं भेज रहे हैं.. 11 बजे तक कितना पोलिंग हुआ.. 1 बजे तक..? दो बजे तक..? निकाय चुनाव के मतदान के दिन राज्य निर्वाचन आयोग में दिन भर गहमा गहमी रही. आयोग के पदाधिकारियों सहित सभी कर्मी एक्टिव रहे. काम रूके नहीं, ख्याल बूथ तक आने वाले हर वोटर का, निगाहें हर एक बूथ पर. कांफ्रेंस हॉल में पोलिंग की स्थिति की हर मिनट अपडेट सभी निकाय क्षेत्रों से की जा रही थी और उसे प्रोजेक्टर के जरिए डिस्प्ले किया जा रहा था. इतना ही नहीं, न्यूज चैनल के माध्यम से वे हर एक बिन्दू पर नजर रख रहे थे. कहीं कोई आंकड़ों के टंकण में गलती न हो जाये, इसके लिये रोमन और हिन्दी में भी अंक बोले जा रहे थे.

जारी हो रहे थे दिशा निर्देश

सभी निकाय क्षेत्रों में शांतिपूर्ण मतदान को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त एन एन पांडेय भी काफी गंभीर रहे. वो दिनभर कार्यालय में बैठे रहे और हर पल की जानकारी लेते रहे. कहीं कुछ छूट न जाये इसके लिये वे लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे. साथ ही संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश भी दे रहे थे.

आयोग के कर्मियों के निकलने पर थी मनाही

निर्वाचन आयोग के किसी भी कर्मी और पदाधिकारी को घर जाने की मनाही थी इसलिये भोजन का इंतजाम भी दफ्तर में ही किया गया था. पदाधिकारियों के साथ पत्रकारों का भी जमावड़ा निर्वाचन आयोग में लगा रहा. जैसे ही सभी निकाय क्षेत्रों से अपडेट आता पदाधिकारी पत्रकारों को इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराते.