- एलटी लाइन से आखिरी में जुड़े उपभोक्ताओं को मिल रही कमजोर बिजली

BAREILLY:

बिजली सप्लाई की मौजूदा कैपेसिटी ही बेदम हैं और बिजली विभाग सौभाग्य योजना के अंतर्गत निशुल्क बिजली कनेक्शन बांट रहा है. बिजली सप्लाई की भार क्षमता बढ़ाने की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा हैं. जिसकी वजह से बिजली की सप्लाई प्रभावित हो रही है. मोटर वाले इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट नहीं चल रहे हैं. साथ ही बिजली फ्लक्चुएट होने से इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट के खराब होने के चांस कई गुना बढ़ गए हैं.

प्रभावित होने लगी बिजली

सौभाग्य योजना के तहत अभी तक जिले में करीब 7 हजार लोगों को बिजली कनेक्शन बांटे जा चुके हैं. सैटरडे को भी 623 बिजली कनेक्शन बांटे गए 2 किलोवॉट के हिसाब से देखे तो 14 हजार किलोवॉट का लोड बढ़ा हैं, लेकिन इसके अकॉर्डिग, ट्रांसफॉर्मर का लोड नहीं बढ़ाया गया और न ही रोजाना सप्लाई होने वाली बिजली की प्रतिशत. लिहाजा, बिजली उपभोक्ताओं को ठीक ढंग से बिजली नहीं मिल पा रही है. जेई एके त्रिपाठी ने बताया कि एक ट्रांसफॉर्मर की अपनी क्षमता होती है. 80 फीसदी से अधिक लोड नहीं दिया जा सकता है. वहीं उपभोक्ताओं की संख्या यदि, बढ़ा दी जाए और बिजली सप्लाई पहले जितनी हो रही हो तब सबसे अधिक अधिक समस्या होती है. सबसे अधिक प्रॉब्लम्स लम्बी दूरी के एलटी लाइन में होता है. जो उपभोक्ता सबसे लास्ट में जुड़ा होता है उसके घर में बिजली उतने स्ट्रांग नहीं पहुंचती जितनी पहुंचनी चाहिए.

फिर भी नहीं लिया सबक

वहीं बिजली फ्लक्चुएट होने से इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट के खराब होने का चांस बढ़ गया है. ट्रांसफॉर्मर पर अचानक लोड बढ़ने से एलटी लाइन के टूटने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इससे पहले अगस्त 2014 में भी बिजली विभाग ने सिर्फ शपथ पत्र भरवा कर 20 हजार से अधिक बिजली कनेक्शन बांट दिए थे. जिसके बाद बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई थी. आए दिन हंगामा और शिकायत पहुंचने पर बिजली विभाग ने नए बिजलीघर बनवाने के साथ ही ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़वाने का काम शुरू किया था. जिसके बाद किसी तरह स्थिति सामान्य हुई थी, लेकिन सौभाग्य योजना में भी बिजली विभाग ने दोबारा से वही गलती शुरू कर दी है. शासन से निर्देश मिलने के बाद सिर्फ बिजली कनेक्शन बांटने में ही लगा हुआ है. जबकि, जिले भर में जो बिजली सप्लाई 215 मेगावॉट सप्लाई हो रही है, वहीं उपभोक्ताओं के लिहाज से पर्याप्त नहीं हैं. ऊपर से एक्स्ट्रा उपभोक्ता रोजाना जुड़ते जा रहे हैं.

आ रही समस्या

- वोल्टेज कम मिलने से इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट ठीक ढंग से काम नहीं करता.

- वोल्टेज लो और हाई होने से इक्विपमेंट के खराब होने का डर.

- लोड बढ़ने ट्रांसफॉर्मर के फूंकने का चांस सबसे अधिक बढ़ जाता है.

एक नजर

- 4.30 लाख जिले भर में हैं पहले से बिजली उपभोक्ता.

- 7 हजार के करीब सौभाग्य योजना के अंतर्गत बांटे गए बिजली कनेक्शन.

- 215 मेगावॉट बिजली की सप्लाई होती है रोजाना.

- नए उपभोक्ता जुड़ने के बाद भी बिजली की सप्लाई नहीं बढ़ाई.

कैम्प लगा कर बिजली कनेक्शन बांटने का काम किया जा रहा है. उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने से बिजली की समस्या को रोकने के लिए ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी. बिजली सप्लाई भी डिमांड के हिसाब से की जाएगी.

मोहम्मद तारिक वारसी, एसई, बिजली विभाग

पिछले कुछ दिनों से समस्या आ रही है. बिजली फ्लक्चुएट होने से दो बल्ब फ्यूज हो चुके हैं. इसकी शिकायत पावर हाउस पर की थी, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हुआ.

धनंजय सिंह, पुराना शहर