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चार लोगों के खिलाफ नामजद दर्ज कराया गया है मुकदमा, ADG कानून व्यवस्था खुद रख रहे नजर

पीएम रिपोर्ट में खुलासा, हत्यारों ने बसपा नेता को मारी थी छह गोलियां, पांच हो गई थीं आर-पार

allahabad@inext.co.in

ALLAHABAD: प्रदेश में नई सरकार के गठन के दिन ही इलाहाबाद में हुई बसपा नेता की हत्या ने अफसरों के कान खड़े कर दिए हैं. मुकदमा नामजद दर्ज कराया गया और आरोप पुलिस पहुंची तो घर पर ही मिला. इससे साजिश का शक भी गहरा गया. पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी पर नजर रखनी शुरू कर दी है लेकिन, गिरफ्तार नहीं किया है. कारणों को लेकर अब भी तीर अंधेरे में चल रहे हैं. पुलिस घटना के खुलासे को लेकर गंभीर है. पांच टीमें खुलासे के लिए लगा दी गई हैं. सोमवार को खुद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत चौधरी ने कहा कि पुलिस उचित और सही कार्रवाई करेगी.

रविवार की रात हुई थी हत्या

बता दें कि बसपा नेता और मऊआइमा के पूर्व ब्लाक प्रमुख मो शमी की रविवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सरकार के शपथ ग्रहण के दिन हुई यह हत्या पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आ गई. इस मामले में मृतक के बेटे इम्तियाज ने तीन लोगों को नामजद करते हुए कुल चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है. नामजद किए गए लोगों में सुल्तानपुर खास निवासी जाबिर अली व अभिषेक यादव और वर्तमान ब्लाक प्रमुख सुधीर मौर्या शामिल हैं. पुलिस नामजद ब्लाक प्रमुख के यहां पहुंची तो वह घर पर ही मौजूद मिले. उन्होंने खुद को निर्दोष बताया. उसका कहना था कि अगर वह दोषी हैं तो वह पुलिस के साथ चलने को तैयार हैं. अन्य आरोपी घर से गायब मिले.

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तगड़ी सुरक्षा में किए गए सिपुर्द-ए-खाक

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में जबर्दस्त रोष था. रात में चक्काजाम भी पब्लिक ने किया. इसी के चलते कस्बे में पुलिस के साथ आरएएफ की तैनाती कर दी गई. सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर भी विशेष व्यवस्था ही गई थी. खुद एसपी गंगापार यहां मौजूद थे. पोस्टमार्टम होने के बाद शव को तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दुबाही गांव ले जाया गया. इस दौरान सैकड़ों गाडि़यों में उनके समर्थक मौजूद रहे. गांव में हजारों की भीड़ थी. कुछ देर के लिए शव को उनके आवास पर ले जाया गया और फिर गांव के निकट क्रबिस्तान में सिपुर्द-ए-खाक कर दिया गया.

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छह गोलियां उतार दी थी शरीर में

शमी की बॉडी का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने किया. इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई. छह गोलियां लगी होने के चलते इन्हें ढूंढने में डॉक्टर्स को घंटों लग गए. गले में फंसी एक गोली निकालने के लिए डॉक्टर्स को खासी मशक्कत करनी पड़ी. बता दें कि प्रमुख मो. शमी पर उस वक्त हमलाकर मौत के घाट उतारा, जब वह प्रधान बचऊ को उनके आवास पर छोड़कर घर पहुंचे थे. तभी पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी. आन द स्पॉट उनकी मौत हो गई थी. पांच गोलियां शरीर को भेदते हुए निकल गई थीं जबकि एक गर्दन में फंसी रह गई थी. इस घटना से परिवार में मातम का माहौल छा गया. पत्‍‌नी शकीरुन्निशा, बेटे और बेटियां सभी शमी की बॉडी से लिपटकर रो पड़े तो देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ उनके घर पर जमा हा गई.

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चुनावी रंजिश या कुछ और है कारण

बता दें कि मो शमी के खिलाफ भी एक दर्जन से अधिक मुकदमे संगीन धाराओं में दर्ज हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत सपा से की थी. वह लगातार तीन बार ब्लाक प्रमुख रहे. विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने बसपा ज्वाइन कर लिया था. वर्तमान में उनका ब्लाक प्रमुख सुधीर मौर्या से विवाद चल रहा था. इसे राजनीतिक प्रतिद्वन्दिता से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार मो. शमी का विवाद चौराहे के निकट करोड़ों की एक जमीन को लेकर प्रतापगढ़ के एक क्रिमिनल से चल रहा था. चर्चा में यह भी आया कि पूर्व ब्लाक प्रमुख ने कुछ महीने पहले ही इलाके के रहने वाले एक शख्स को जेल भेजवाया था. पुलिस इन सभी कारणों की पड़ताल में जुटी है ताकि सही आरोपियों तक पहुंचा जा सके.

हत्यारों की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है. कुछ संदिग्ध लोगों से शक के आधार पर पूछताछ भी की जा रही है. जमीन विवाद के साथ ही कई अन्य विवाद भी सामने आ रहे हैं. हर बिंदु पर जांच चल रही है. जल्द हत्यारों को पकड़ लिया जाएगा.

शलभ माथुर, एसएसपी, इलाहाबाद