- बिहार से पकड़े गए नकली नोट के स्मगलर्स ने उगले कई राज, बनारस के बाजार में उतारने थे एक करोड़ से ज्यादा के नोट

- बंगाल से नेपाल और फिर बिहार होते हुए यूपी में लाया जाता था फेक करेंसी को

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इस बार ईद से पहले बनारस में नकली नोटों के जाल को बिछाने की तैयारी सरहद पार बैठे लोगों ने कर रखी है. हालांकि अपनी पहली ही कोशिश में ये फेल हो गए और नेपाल के रास्ते यूपी में आने के लिए घुसे चार नकली नोटों के तस्करों को एसटीएफ ने पकड़ लिया. बुधवार को पूछताछ में इन तस्करों ने कई राज उगले हैं. इनमे चौंकाने वाली बात ये है कि पकड़े गए करीब 14 करोड़ के नकली नोट को यूपी के कई शहरों समेत बनारस में ईद से पहले खपाने की तैयारी थी. इसलिए रमजान शुरू होने के साथ ही फेक करेंसी की पहली बड़ी खेप भेजी गई थी.

गांव के लड़के हैं टारगेट पर

एटीएस सोर्सेज की मानें तो पूछताछ में तस्करों ने कई बातें बताई हैं. एटीएस के मुताबिक पाकिस्तान से लेकर बांग्लादेश तक आईएसआई के एजेंट भारत में फेक करेंसी की सप्लाई करने के लिए अब गांव केउन लड़कों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनके खिलाफ पुलिस में कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है. पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने बताया है कि उन लोगों को करेंसी लाने से पहले बाकायदा इसकी ट्रेनिंग दी गई थी. इस ट्रेनिंग में करेंसी लेकर कैसे एक देश की सीमा से दूसरे देश पहुंचे और कैसे फेक करेंसी की सप्लाई करते हुए इसे मार्केट में सर्कुलेट करें. फिलहाल एटीएस अब बनारस में इन तस्करों के मददगारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. एसटीएफ सोर्सेज का कहना है कि क्षेत्र के मिश्रित आबादी वाले इलाकों में यूथ को ये इस काम को करने के लिए चुनते थे.