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'पाकिस्‍तान नर्क नहीं' मानने वाली अभिनेत्री राम्‍या की जिंदगी का सच

By: Inextlive | Publish Date: Thu 25-Aug-2016 02:06:00   |  Modified Date: Thu 25-Aug-2016 02:07:47
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'पाकिस्‍तान नर्क नहीं' मानने वाली अभिनेत्री राम्‍या की जिंदगी का सच
कन्‍नड़ अभिनेत्री और राजनेता राम्‍या इन दिनों चर्चा में हैं। दरसल पिछले हफ्ते एमनेस्टी इंटरनेशनल से जुड़े विवाद के बाद अब पूर्व सांसद राम्या पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। उन्होंने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के पाकिस्तान को नर्क बताए जाने के बयान को गलत बताते हुए कहा था कि पाकिस्तान के लोग अच्छे और मेहमानवाज हैं। राम्‍या सार्क कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए पाकिस्तान में थीं। राम्या का बयान एबीवीपी और बीजेपी के लोगों को पसंद नहीं आया और उन्होंने उन्हें देशद्रोही बताते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिए, जिसके बाद अब उन पर केस दर्ज हो गया। आइये जाने की राम्‍या हैं कौन।

ये है राम्‍या का परिचय
कन्‍नड़ अभिनेत्री रम्‍या कांग्रेस नेता हैं जिनका वास्‍तविक नाम दिव्या स्पंदन है। रम्‍या का जन्म कर्नाटक के बेंगलुरू में हुआ। उनकी मां रंजीता कांग्रेस पार्टी की वरिष्‍ट नेता हैं और वो राम्‍या की सिंगल पेरेंट हैं। उन्होंने ऊटी में सेंट हिल्डा के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। रम्या ने तेलगु, तमिल के साथ-साथ हिंदी फिल्‍मों में भी काम किया है। राम्या ने 2011 में कांग्रेस के टिकट पर कर्नाटक के मांड्या निर्वाचन क्षेत्र से एमपी का चुनाव जीता, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में वे इसी चुनाव क्षेत्र से 5500 वोटों से चुनाव हार गईं। अपने बचपन में राम्‍या ने जिंदगी के बड़े अजीब पहलू देखे हैं उनके पिता ने कभी उनको अपना नाम नहीं दिया और ये राम्‍या के लिए एक बड़ा भावनात्‍मक और पीड़ादायक अहसास था।

पिता को लेकर हमेशा सवालों में
अपने पिता को लेकर राम्‍या हमेशा से अजीब स्‍थितियों में घिरी रहीं। बचपन में वो अपने दोस्‍तों को पिता के बारे में झूठी कहानियां सुनाती रहती थीं। कभी वो कहतीं कि उनके पिता की एक प्‍लेन क्रैश में मृत्‍यु हो गयी तो कभी उन्‍हें अमेरिकी ग्रीन कार्ड होल्‍डर बता कर विदेश में कहीं रह रहे बता देतीं। उनके मानस पिता आरटी नारायण थे जिन्‍होंने उनका पालन पोषण किया। पिछले चुनावों के दौरान भी उनके ऊपर पिता के नाम को लेकर कई आक्षेप लगाये गए थे।

भावनात्‍मक अकेलेपन से भरा बचपन
अपनी कहानी सुनाते हुए राम्‍या ने खुद माना की उनका बचपन भावनात्‍मक अकेलेपन से भरा हुआ था। वो पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद में भी बहुत अच्‍छी थीं। हमेशा जीतने वाली राम्‍या सोचती थीं कि काश वो हार जायें क्‍योंकि उनके स्‍कूल में जीतने वाले बच्‍चे को पुरस्‍कार उसके पेरेंटस के हाथों दिलवाया जाता था लेकिन राम्‍या की मां कभी नहीं आती थीं। ये बात राम्‍या को बहुत चुभती थी। कभी समझ ही नहीं पाती थीं कि उनकी मां क्‍यों नहीं आती थीं।

आभावों से भरा बचपन
राम्‍या के जीवन में भावनात्‍मक खालीपन ही नहीं आर्थिक आभाव भी थे। उनकी मां रंजीथा बंगलुरू के कमिश्‍नर ऑफिस में आत्‍महत्‍या करने के लिए उत्‍सुक लोगों के लिए बनी हेल्‍पलाइन के लिए काम करती थीं और उनके लिए बेटी का पालन पोषण करना खासा कठिन था। वे साथ भी नहीं रह पाती थीं।

पहला ब्रेक
जींदगी की लड़ाई लड़ते हुए राम्‍या हिल्‍डा स्‍कूल मांडया से सेंट जोसेफ कॉलेज बंगलुरू पहुंची जहां प्रवेश लेने में उनकी मदद की उनके पालक पिता नरायण के मित्र और कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री एस एम कृष्‍णा ने। पढ़ाई के दौरान ही उनके मित्रों द्वारा नए कैमरे की टैस्‍टिंग के लिए हंसी मजाक में खींची गयी उनकी तस्‍वीरें अभी फिल्‍म के र्निमाता की नजरों के सामने आ गयीं। उनकी आंटी के परिचित इस र्निमाता ने उनसे राम्‍या को फिल्‍म में लेने की बात की तो उन्‍होंने बताया कि उसकी रुचि अभिनेत्री बनने में नहीं है पर वो नहीं मानें और इस तरह उन्‍हें पुनीत राजकुमार के साथ पहली फिल्‍म अभी में मौका मिला। दिव्‍या स्‍पंदन से राम्‍या नाम भी उन्‍हें राजकुमार की पत्‍नी ने ही रखने की सलाह दी।

राजनीतिक जीवन
राम्‍या की मां रंजीथा खुद कांग्रेस नेता हैं और उनके पालक पिता नरायण भी कांग्रेसी नेता और कर्नाटक  के पूर्व मुख्‍यमंत्री कृष्‍णा के करीबी मित्र थे। यही वजह है कि राम्‍या का रुझान राजनीति में हुआ और वो कांग्रेस की सांेसद भी बनी। अब राम्‍या की ख्‍वाहिश फिल्‍मों को अलविदा कहकर पूरी तरह राजनीति से जुड़ने की है। इसके अलावा वे अपने पिता और मेंटर नरायण के समाजसेवा के कार्यों को भी आगे बढ़ाना चाहती हैं।

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