आरबीआई के साथ मिलकर सरकार की कैश आपूर्ति पर नजर
नई दिल्‍ली (प्रेट्र)।
2 अप्रैल से अपनी किडनी का इलाज करा रहे जेटली ने एक ट्वीट के जरिए बताया कि नोटबंदी के बाद देश में मुद्रा की स्थिति पहले की तरह सामन्‍य हो चुकी है। चलन में जरूरत से ज्‍यादा मुद्रा है। बैंकों में भी पर्याप्‍त मात्रा में कैश उपलब्‍ध है। अचानक अप्रत्‍याशित मांग बढ़ने के कारण कैश की कमी आ गई है जो अस्‍थाई है। इस समस्‍या पर जल्‍दी ही काबू पा लिया जाएगा। सरकार आरबीआई और बैंकों के साथ मिलकर पर्याप्‍त मुद्रा आपूर्ति पर नजर रख रही है।

मुद्रा आपूर्ति सामान्‍य लेकिन अचानक मांग से कैश की कमी
वित्‍त मंत्रालय ने माना है कि कुछ प्रदेश में अप्रत्‍याशित मांग बढ़ने से पिछले तीन महीनों के दौरान कैश की कमी हो गई है। इससे एटीएम में भी कैश नहीं डाले गए हैं। मंत्रालय के वकतव्‍य में कहा गया है कि अप्रैल के शुरुआती 13 दिनों में 45 हजार करोड़ रुपये मुद्रा आपूर्ति बढ़ाई गई लेकिन अप्रत्‍याशित मांग बढ़ने के कारण अचानक कैश की कमी हो गई। इससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्‍य प्रदेश और बिहार के इलाके ज्‍यादा प्रभावित हुए हैं।

तीन दिनों में सामान्‍य हो जाएगी देश में कैश की आपूर्ति
वित्‍त राज्‍यमंत्री शिव प्रताप शुक्‍ला ने कहा कि सरकार ने मुद्रा की कमी से निपटने के लिए राज्‍यवार कमेटी का गठन किया है। आरबीआई ने भी एक कमेटी बनाई है क्‍योंकि एक राज्‍य से दूसरे राज्‍यों में मुद्रा लाने-लेजाने के लिए आरबीआई की मंजूरी आवश्‍यक होती है। कुछ राज्‍यों में अचानक कैश की कमी हो गई है। इस कमी को अगले दो से तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। आरबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में नोटबंदी के पहले जितना कैश चलन में आ चुका है। वर्तमान में करीब 17 लाख करोड़ रुपये चलन में हैं।

100, 200 और 500 रुपये के नोट पर्याप्‍त संख्‍या में
वित्‍त मंत्रालय ने अपने एक वकतव्‍य में कहा कि रिजर्व बैंक के साथ मिलकर सरकार कैश की कमी को तत्‍काल पूरा करने के लिए हर प्रकार से कदम उठा रही है। इसमें कहा गया है कि 100, 200 और 500 रुपये के नोटों के स्‍टॉक पर्याप्‍त मात्रा में मौजूद हैं। सरकार ने कहा कि मांग के अनुसार कैश की पूर्ति के लिए पर्याप्‍त मात्रा में नोट हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भविष्‍य में इससे भी अधिक नोटों की मांग बढ़ती है तो बाजार में नोटों की आपूर्ति सामान्‍य रहेगी। सरकार का कहना है कि एटीएम में जल्‍दी ही नोटों की आपूर्ति करके उन्‍हें चालू कर दिया जाएगा।

फसल सीजन के कारण बढ़ी नोट की मांग, कम हो गया कैश
एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि यह बात गलत है कि देश में करेंसी शॉर्टेज है। फसल सीजन होने की वजह से नोट आपूर्ति और मांग का संतुलन थोड़ा बिगड़ गया है। इस मौसम में कैश की डिमांड बढ़ जाती है। पंजाब, मध्‍य प्रदेश और उत्‍तर प्रदेश में इस मौसम के दौरान नोटों की मांग काफी बढ़ जाती है।

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