- 'दैनिक जागरण आई नेक्स्ट' ने पहले ही किया था खुलासा

- गैंगरेप के आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में सीबीआई

- पीडि़ता ने कोर्ट में दर्ज कराया अपना कलमबंद बयान

कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज कराये
केस के दर्ज हो जाने के बाद इसमें तीनों नामजद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ना तय है. सूत्रों ने बताया कि मामले में सस्पेंड किये गए पुलिसकर्मियों ने भी इस केस में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा आरोपियों की पैरवी की बात कुबूल की है. उधर, सोमवार को सीबीआई ने पीडि़ता को उन्नाव से लाकर कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज कराये.

यह था मामला
गौरतलब है कि, पीडि़ता बीती 11 जून, 2017 को लापता हो गई थी. पीडि़ता के परिजनों ने माखी थाने में 20 जून को शुभम सिंह, नरेश तिवारी और बृजेश यादव के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था. पीडि़ता के कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मुकदमे में गैंगरेप व पॉक्सो एक्ट की बढ़ोतरी की थी. पुलिस ने आरोपियों शुभम सिंह, नरेश तिवारी व बृजेश यादव को अरेस्ट कर एक अगस्त, 2018 को तीनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. पीडि़ता को पुलिस ने औरैया निवासी आरोपित बृजेश के घर से बरामद किया था. मामले में आरोपी शशि सिंह गैंगरेप केस के आरोपी शुभम की मां हैं. जबकि, नरेश तिवारी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का ड्राइवर है. पीडि़ता ने विधायक पर चार जून, 2017 को रेप करने का आरोप लगाया है. आरोप है कि शशि सिंह पीडि़ता को बहला-फुसलाकर विधायक के पास ले गई थी.

कोर्ट से निकलकर बोली पीडि़ता, 'सीबीआई जांच से संतुष्ट'
सीबीआई ने सोमवार को पीडि़ता के लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज कराए. सीबीआई टीम सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पीडि़ता को उन्नाव से लेकर कोर्ट पहुंची थी. करीब पांच घंटे तक वह कोर्ट के समक्ष रही और इसी दौरान उसने अपने कलमबंद बयान दर्ज कराये. शाम करीब पांच बजे पीडि़ता कोर्ट रूम से बाहर आई. जहां उसने मीडियाकर्मियों से कहा कि वह अब तक की सीबीआई जांच से संतुष्ट है. सीबीआई कार्रवाई कर रही है. उसे भरोसा है कि अब उसे इंसाफ मिलकर रहेगा.

पीडि़ता से विधायक व मददगार का सामना कराएगी सीबीआई
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि चूंकि रेप व गैंगरेप के केस एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए जांच में पूरे घटनाक्रम की कडि़यां सिलसिलेवार ढंग से जोड़नी पड़ेंगी. सोमवार को पीडि़ता द्वारा कोर्ट में अपना कलमबंद बयान दर्ज कराने के बाद अब सीबीआई विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, शशि सिंह का सामना पीडि़ता से कराएगी. जिसमें पीडि़ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन दोनों से सवाल-जवाब किये जाएंगे.

वीडियो-ऑडियो क्लिप की होगी फॉरेंसिक जांच
उन्नाव रेप कांड की जांच कर रही सीबीआई किसी भी पहलू को जांच के दायरे से बाहर करने को राजी नहीं दिख रही. यही वजह है कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए तमाम वीडियो और ऑडिया क्लिप को भी सीबीआई टीम ने कब्जे में लिया है और इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. जिन वीडियो क्लिप को सीबीआई ने जांच में शामिल किया है उनमें पिटाई के बाद हॉस्पिटल ले जाए गए पीडि़ता के पिता का वीडियो, पीडि़ता के चाचा और विधायक के बीच बातचीत व आरोपी नरेश तिवारी और पीडि़ता के बीच बातचीत की ऑडियो क्लिप शामिल है.

आरोपों को सिरे से नकार रहे आरोपी विधायक
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान खुद पर लगाए गए आरोपों को सिरे से नकार रहे हैं. जिस वजह से सीबीआई को मामले की कडि़यां जोड़ने में दिक्कत पेश आ रही है. सूत्रों की मानें तो विधायक के इस रवैये को देखते हुए सीबीआई कोर्ट में विधायक सेंगर का नार्को एनालिसिस टेस्ट कराने के लिये अर्जी दाखिल कर सकती है. गौरतलब है कि इससे पूर्व विधायक सेंगर की पत्‍‌नी संगीता ने भी डीजीपी ओपी सिंह से मुलाकात कर पीडि़ता, उसके चाचा व अपने पति कुलदीप सिंह सेंगर का नार्को टेस्ट कराये जाने की मांग की थी.