BAREILLY: साइबर ठगों ने एटीएम कार्ड खराब होने और आधार लिंक का झांसा देकर ठगी का नया पैंतरा खोज निकाला. जालसाजों ने रिजर्व बैंक अधिकारी बनकर अकाउंट को जीएसटी से लिंक करने का झांसा देकर एक महिला अधिवक्ता के खाते से एक लाख 43 हजार 6 सौ रुपए की रकम पार कर दी. यह रकम महज पांच दिन में 23 बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से निकाली गई. महिला अधिवक्ता ने थर्सडे को सिविल लाइंस स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में शिकायत की. फ्राइडे को बरेली बार के अधिवक्ता पीडि़त महिला के साथ एसएसपी से मिलेंगे. ठगी की शिकार हुई अधिवक्ता मिथलेश अग्रवाल जिला न्यायालय के सामने ही डॉक्टर्स कॉलोनी में राज अपार्टमेंट की निवासी हैं. वर्ष 1999 से सिविल लाइंस स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में उनका बचत खाता है. अधिवक्ता ने बताया कि 28 दिसंबर को कुछ रुपए जमा करने के बाद से खाते में एक लाख 44 हजार 598 रुपए थे.

5 दिन में निकाले रुपए

पांच जनवरी को मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया. खुद को राहुल कुमार और आरबीआई मुंबई का अधिकारी बताकर एटीएम ब्लॉक होने की बात कही. कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से 2017 के एटीएम अवैध हो गए. बताया कि गारंटर देने पर अकाउंट चालू होगा. अधिवक्ता ने पहले मना कर दिया. दोबारा कॉल कर धमकी दी कि खाते से 4800 रुपए काटकर आपका एटीएम परमानेंट बंद किया जा रहा है. झांसे में आने पर उन्होंने एटीएम कार्ड नंबर बता दिया. उसने आधार व जीएसटी लिंक के लिए मोबाइल में पासवर्ड आने की बात कह ओटीपी पूछा. इसके बाद से कॉल कट गई. 10 जनवरी वेडनसडे को फिर कॉल आई, तब समधी ने फर्जी कॉल की आशंका जताई. बैंक जाकर खाते की एंट्री ली तो होश उड़ गए. खाते में पांच दिन में एक लाख 23 हजार 600 रुपए पार हो गए थे. जालसाजों ने केवल 929 रुपए ही छोड़े.

ट्रू-कॉलर में मध्य प्रदेश का नंबर

धोखाधड़ी का पता चलने पर खुद को आरबीआई अधिकारी बताने वाले राहुल कुमार का नंबर चेक कराया. तो ट्रू-कॉलर पर यह नंबर मध्य प्रदेश के राघौगढ़ के नाम से आया. बैंक अब रकम निकाले जाने वाले खातों और जगहों के बारे में जानकारी कर रही है.