राजेश बोला, असली खिलाड़ी 'बॉस', कमीशन तक थी मेरी हिस्सेदारी

By: Inextlive | Publish Date: Wed 13-Sep-2017 07:40:47
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राजेश बोला, असली खिलाड़ी 'बॉस', कमीशन तक थी मेरी हिस्सेदारी

शुआट्स के एकाउंट राजेश कुमार से 23 करोड़ की हेराफेरी मामले में हुई पूछताछ

पुलिस ने लिया था रिमांड पर, पूछताछ के समय मौजूद रही वकीलों की फौज

ALLAHABAD: मैं तो यूनिवर्सिटी का मामूली कारिंदा था। बॉस के आदेश को मानना मेरी मजबूरी थी। हेराफेरी करके जो पैसे इधर- उधर किए गए उसका ज्यादातर हिस्सा बॉस के आदेश पर इस्तेमाल किया गया था। रिमांड पर लेकर पूछताछ में शुआट्स के खाते से 23 करोड़ की हेराफेरी मामले में बर्खास्त किए गए राजेश कुमार ने पुलिस के सवालों पर कुछ इसी अंदाज में जवाब दिया। पूछताछ के दौरान वकीलों की फौज उसके इर्द- गिर्द होने के चलते पुलिस उस पर कोई सख्ती भी नहीं कर सकी। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस अब 'बॉस' तक पहुंचने के इंतजाम में जुट गई है। सूत्रों का कहना है कि उसने बॉस का नाम भी पुलिस को बता दिया है। बॉस सिर्फ एक है या फिर इनकी संख्या दो अथवा तीन है? यह तय करने के लिए पुलिस अगली रणनीति बनाने में जुट गई। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने उसे नैनी जेल में दाखिल कर दिया.

रिजेक्ट चेकों के जरिए हुई हेराफेरी

पूछताछ में राजेश ने पुलिस अफसरों को जो कुछ भी बताया उसके मुताबिक रकम की हेराफेरी करने में उन चेक नंबर्स का इस्तेमाल किया गया जो किन्हीं कारणों से रिजेक्ट कर दिए गए थे। राजेश ने बताया कि बॉस उसे पैसे लाने का आदेश देते थे तभी वह बैंक जाता था या रकम लाने के लिए किसी को भेजता था। उसके अनुसार बैंक से निकाली गई करोड़ों रुपए की रकम को उच्चाधिकारियों के कहने पर नैनी- लखनऊ समेत कई जगहों पर प्रापर्टी में इंवेस्ट किया गया। कुछ स्कूल में इंवेस्ट किया गया.

क्या है पूरा मामला

नैनी स्थित शुआट्स का एकाउंट एक्सिस बैंक की सिविल लाइंस शाखा में है

इस एकाउंट से 23 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गयी

रुपए का भुगतान बिना चेक आए कर्मचारियों को कर दिया गया

पूरी रकम कई बार में निकाली गई

रकम निकालने में उन चेक नंबर का इस्तेमाल किया गया जो किन्हीं कारणों से रिजेक्ट किए जा चुके थे

शुआट्स और एक्सिस बैंक दोनों ने अपनी- अपनी कमेटी से जांच कराई

शुआट्स ने अपने एकाउंटेंट राजेश कुमार को जिम्मेदार माना और बर्खास्त कर दिया

एक्सिस बैंक ने अपने 22 अधिकारियों- कर्मचारियों को जिम्मेदार माना और विभागीय कार्रवाई की

पुलिस की विशेष टीम इस मामले की कर रही है जांच

बयान में राजेश कुमार ने बताया

कई सवालों का जवाब सीधे देने के बजाय वह घुमाता फिराता रहा

बताया कि वह शुआट्स के उच्चाधिकारियों के कहने पर बैंक चेक लेकर जाता था

वहां वह कमाल से सम्पर्क करता था और उसे रकम मिल जाती थी

इस रकम की जानकारी शुआट्स के बॉसेज को पहले से होती थी

फ्राड करके निकाली गई रकम का इस्तेमाल वहां के अधिकारियों के कहने पर प्लाट, मकान, स्कूल में इंवेस्ट की गई

इसमें कुल पांच लोग प्रमुख रूप से शामिल थे

कुछ लोग बैक डोर से काम कर रहे थे और अपना कमीशन ले रहे थे

इन लोगों के ताल्लुक भी शियाट्स प्रबंधन से हैं

अपने हिस्से की रकम से करीब 50 लाख का मकान अलीगढ़ में बनवाया और 35 लाख रुपये खाते में जमा किए

उसे कमीशन के तौर पर करीब दो करोड़ रुपये मिले

उसे जेल में जाकर धमकी दी गई थी कि अधिकारियों के बारे में कोई जानकारी या सूचना दी तो खैर नहीं

कुछ लोग लगातार दबाव बना रहे हैं उसकी जान को खतरा है

लेखाकार की पत्‍‌नी ने भी पुलिस अधिकारियों को बताया है कि उन्होंने शियाट्स प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है

23 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई शुआट्स के एक्सिस बैंक में स्थित खाते से

22 एक्सिस बैंक के अधिकारियों पर हो चुकी है विभागीय कार्रवाई

04 अधिकारी शुआट्स के भेजे जा चुके हैं जेल

04 बैंक के अधिकारी किए जा चुके हैं गिरफ्तार

01 शुआट्स के कर्मचारी ने किया कोर्ट में सरेंडर

कोर्ट के आदेश पर राजेश को एक दिन के लिए कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ की गई। उसने कई ऐसे राज बताए हैं जिसके आधार पर कुछ लोगों से दोबारा पूछताछ की जरूरत होगी। बयान और दस्तावेज के आधार पर जांच करते हुए जल्द ही कई अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

- बृजेश मिश्रा,

एसपी क्राइम

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