हापुड़ से अल्ट्रासाउंड कराने आई थी छह माह की गर्भवती महिला

डॉक्टर्स ने इलाज से किया मना इमरजेंसी के बाहर घंटों तड़पती रही

Meerut. जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बनी स्लैब पर शनिवार को एक गर्भवती महिला घंटों इलाज के लिए तड़पती रही. परंतु यहां मौजूद डॉक्टर्स ने उसे इलाज तो दूर स्ट्रेचर या बेड तक मुहैया नहीं कराया. हर बार डॉक्टर्स उसे महिला अस्पताल ले जाने की बात ही कहते रहे.

यह है मामला

हापुड़ निवासी 35 वर्षीय रेशमा अपने पति शहबीर के साथ शनिवार को करीब 12 बजे जिला अस्पताल पहुंची. शहबीर ने बताया कि यह उसका पहला बच्चा है और हापुड़ के सरकारी अस्पताल ने बिना अल्ट्रासाउंड के इलाज करने से मना कर दिया. जिसके बाद वह एंबुलेंस में यहां अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची लेकिन यहां भी उसे इलाज देने से मना कर दिया गया. शहबीर ने बताया कि वह पहले महिला अस्पताल गया था लेकिन वहां से उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया. यहां डॉक्टर्स लगातार उन्हें यही कहते रहे कि वह यहां से चले जाएं, वह गर्भवती महिला का इलाज नहीं करेंगे.

हमारे यहां गर्भवती महिलाओं का इलाज उपलब्ध नहीं हैं. हम उसे भर्ती नहीं कर सकते हैं. उन्हें महिला अस्पताल जाना चाहिए था.

डॉ. पीके बंसल, एसआईसी, जिला अस्पताल

मुझे मामले की जानकारी नहीं हैं. हमारे यहां 8 से 2 बजे तक अल्ट्रासाउंड होता है. अगर ऐसा कुछ हुआ है तो मामले की जांच करवाई जाएगी.

डॉ. मंजू मलिक, एसआईसी, जिला महिला अस्पताल