सरकार ने माना बदहाल स्थिति में है टेक्निकल संस्थाएं

By: Inextlive | Publish Date: Fri 12-Jan-2018 07:01:13
A- A+
सरकार ने माना बदहाल स्थिति में है टेक्निकल संस्थाएं

17 राजकीय पॉलीटेक्निक

115 एडेड पॉलीटेक्निक

500 सेल्फ फाइनेंस

5 लाख के करीब स्टूडेंट

75 प्रतिशत स्टूडेंट को जॉब नहीं

- राजकीय पॉलीटेक्निक में प्लेसमेंट का रिकॉर्ड सबसे खराब

- गुणवत्ता सुधारने के लिए एआईसीटीई से मांगा प्रस्ताव

LUCKNOW :

प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थाओं से निकले स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट में समस्या आ रही है। पिछले तीन साल के दौरान यहां से निकले केवल 25 प्रतिशत का ही प्लेसमेंट हुआ है। यह हाल तब है जब केंद्र व प्रदेश सरकार टेक्निकल एजुकेशन को बढ़ावा देने की बात कर रही है। यह स्थिति सामने आने के बाद सरकार ने नए सिरे से पॉलीटेक्निक संस्थाओं को सुधारने के लिए एआईसीटीई के मानक पूरे करने के लिए मदद मांगी है.

वित्त विभाग को भ्ोजा प्रस्ताव

पॉलीटेक्निक संस्थाओं में मानव संसाधन के रूप में एआईसीटीई मानकों को पूरा कराने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। एआईसीटीई के मानक पूरे होने के बाद शिक्षा के स्तर में बदलाव होगा और डिप्लोमा हासिल करने वाले छात्रों को बेहतर जॉब के अवसर मिलेंगे। पॉलीटेक्निक संस्थाओं में प्रिंसिपल से लेकर लेक्चरर तक एआईसीटीई के मानकों की अनदेखी हो रही थी। इससे एक ओर जहां शिक्षा प्रभावित हो रही है, वहीं पॉलीटेक्निक शिक्षकों में रोष भी है।

इसलिए लटका मामला

यह मामला इसलिए भी लटका हुआ था कि एआईसीटीई के मानक पूरा होते ही पॉलीटेक्निक प्रिंसिपल को मिलने वाला वेतन प्रिंसिपल सेकेट्री के पार हो जाएगा, जिसके चलते शासन स्तर पर इसकी कार्रवाई लंबित थी। वहीं, इसको लागू करने के बाद चार करोड़ का अतिरिक्त व्यय भी डिपार्टमेंट पर आएगा.

इनकी िस्थति खराब

प्रदेश में मौजूदा समय में करीब 17 राजकीय और 115 के करीब एडेड पॉलीटेक्निक चल रहे हैं। जिसमें करीब सवा दो लाख स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। वहीं सेल्फ फाइनेंस के 500 कॉलेजों में साढ़े तीन लाख के आसपास स्टूडेंट्स हैं। इनमें से अगर केवल सरकारी संस्थाओं की बात करें तो उनके यहां शिक्षा का स्तर इतना खराब है कि यहां से क्वॉलिटी स्टूडेंट्स नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में उनका प्लेसमेंट नहीं हो रहा है।

केवल 25 प्रतिशत प्लेसमेंट

बीते तीन सालों में इनका प्लेसमेंट रिकॉर्ड 25 प्रतिशत के आसपास ही है। वहीं सेल्फ फाइनेंस संस्थाओं की स्थिति भी खराब है। प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने हाल ही में प्राविधिक शिक्षा के उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर एआईसीटीई के मानकों को पूरा कराने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा है.

जांचे जाएंगे मानक

सभी राजकीय और एडेड पॉलीटेक्निक को एआईसीटीई के मानकों के आधार पर अपग्रेड किया जाएगा। ताकि आने वाले समय में यहां से निकले स्टूडेंट्स को आसानी से प्लेसमेंट मिल सके.

संस्थाओं को अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजा गया है। अंतिम मुहर लगने के बाद एआईसीटीई के मानकों को पॉलीटेक्निक संस्थाओं में लागू किया जाएगा.

- संजीव कुमार सिंह, सचिव प्राविधिक शिक्षा परिषद

inextlive from Lucknow News Desk