गुडंबा में सगी बहनों की गला दबाकर हत्या

By: Inextlive | Publish Date: Mon 17-Jul-2017 07:41:08
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गुडंबा में सगी बहनों की गला दबाकर हत्या

- घर में अस्त- व्यस्त मिला सामान, लूट की आशंका

- पुलिस करीबी पर जता रही हत्या का शक

- तीन संदिग्धों से पूछताछ जारी

LUCKNOW : गुडंबा के बजरंग विहार में रहने वाली दो सगी बहनों की गला दबाकर हत्या कर दी गई। दोनों के शव घर के अलग- अलग कमरों में बेड पर पड़े मिले। जबकि, घर का पूरा सामान बिखरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि लूट के लिये इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। हालांकि, पुलिस लूट की घटना से इंकार कर रही है। जानकारी मिलने पर गुडंबा समेत मडि़यांव और इंदिरानगर की पुलिस मौके पर पहुंची। हत्यारों का सुराग लगाने के लिये स्निफर डॉग को भी मौके पर बुलाया गया। पर, कोई सफलता नहीं मिल सकी। फिलवक्त पुलिस ने हत्या की एफआईआर दर्ज कर तीन संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है।

अकेले रहती थी सगी बहनें

गुडंबा इलाके के बजरंग विहार में सगी बहनें संदल श्रीवास्तव (45) और जुग्गून उर्फ केसर (65) अकेले रहती थी। संदल योगा ट्रेनर थी जबकि जुग्गून घर में ही प्रोविजन स्टोर चलाती थी। घर के ही एक हिस्से में उनके भाई जानकीपुरम निवासी अंजनी श्रीवास्तव का साइबर कैफे भी है जिसे अंजनी और उनका बेटा ध्रुव चलाता है। ध्रुव ने बताया कि संडे सुबह 11.30 बजे के आसपास उसके दोस्त प्रशांत ने फोन कर जानकारी दी कि मकान का गेट खुला है, लेकिन कोई मौजूद नही है। इस पर ध्रुव ने अपने मोबाइल से बुआ संदल और जुग्गुन का नंबर मिलाया, लेकिन फोन नहीं लगा। इसके बाद ध्रुव अपने पिता अंजनी के साथ मकान पर पहुंचा। भीतर पहुंचने पर संदल और जुग्गुन के शव उनके कमरों में बेड पर पड़े हुए थे। यह देख ध्रुव ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल कर इसकी सूचना दी।

किराएदार और परिवार से पूछताछ

डबल मर्डर की सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी दीपक कुमार, एसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार, सीओ गाजीपुर भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डॉग स्क्वॉयड और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। पुलिस ने सगी बहनों के रिश्तेदारों के साथ आस- पास रहने वाले कई लोगों से पूछताछ की। मकान के एक हिस्से में आठ स्टूडेंट्स किराए पर रहते हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।

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महिला के शव के ऊपर रखी थी कुर्सी

जुग्गुन के कमरे की हालत देखकर लग रहा था कि हत्यारों ने बड़े इत्मिनान से डबल मर्डर को अंजाम दिया। जुग्गुन के शव के ऊपर एक कुर्सी रखी हुई थी। ऐसा लग रहा था कि हत्यारों ने कुर्सी जुग्गुन के शरीर में इसलिए फंसाई होगी ताकि वह संघर्ष न कर सके। वहीं अलग अलग कमरों में जहां दोनों के शव मिले है। उन कमरों का सारा सामान बिखरा हुआ था। यह देख आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने लूट करने के लिए दोनों को मौत के घाट उतार दिया।

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मैनेजमेंट कॉलेज के भीतर जा पहुंचा स्निफर

घटनास्थल से 100 मीटर की दूरी पर लाल बहादुर ग‌र्ल्स मैनेजमेंट कॉलेज है। जांच के लिए पहुंचा स्निफर डॉग कॉलेज की बिल्डिंग के भीतर जाकर ठहर गया। कॉलेज के चपरासी तेज बहादुर ने बताया कि गली में कम जगह होने के चलते अक्सर लोग गाडि़यां घुमाने के लिए कॉलेज के सामने से ही मोड़ते हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने शायद गाड़ी मोड़ने के लिए कॉलेज की ओर रुख किया होगा।

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एक ही शख्स ने तो नहीं की दोनों हत्या

मौके पर पहुंचे फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ अरुण शर्मा ने बताया कि जुग्गुन के कपड़ों पर कमर तक एक ही इंसान के फिंगर प्रिंट पाये गए हैं। साथ कुछ डीएनए सैम्पल भी लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह देख आशंका जताई जा रही है कि इस वारदात को किसी एक शख्स ने दिया है। आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने पहले संदल की हत्या की और फिर प्रोविजन स्टोर के सटे कमरे में जुग्गुन की गला दबाकर हत्या की। दोनों बहनों की जीभ बाहर निकली थी और कान, नाक से खून निकाल था। शव के करीब ही तकिया पड़ी मिली जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों बहनें शोर न मचा सकें इसलिए इसी तकिया से उनके चेहरे को ढक दिया गया। मौत से पहले दोनों बहनों ने हत्यारे के साथ संघर्ष भी किया तो उनके अस्त- व्यस्त कपड़े इस बात की गवाही दे रहे है।

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परिजनों पर शक गहराया

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो परिजन बार- बार बयान बदलने लगे। मृतक महिलाओं के भाई अंजनी का कहना था कि वह चाभी लेकर जाते थे लेकिन अगले ही पल उन्होंने पुलिस को बताया कि वो चाभी ड्रायर में रखकर जाते थे। इसी तरह ध्रुव और रंगोली के बयान भी बार बार बदलते रहे। उनके बार- बार बयान बदलने से पुलिस का उन पर शक गहरा गया है।

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घर लौटते देखा था

पड़ोस में रहने वाले अभिषेक ने पुलिस को बताया कि पूर्वान्ह 10.45 बजे उसने जुग्गुन को कहीं से वापस लौटकर घर आते देखा था। वहीं, एक अन्य पड़ोसी प्रशांत ने 11.30 पर गेट खुला देखकर ध्रुव को सूचना दी थी। ऐसे में सवाल उठ खड़ा हुआ है कि महज 45 मिनट में बदमाशों ने किस तरह दोनों बहनों की हत्या भी कर दी और लूटपाट कर फरार हो गए।

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प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की आशंका

दबी जुबान में पुलिस ने लूटपाट की बात को सिरे से खारिज किया है। एसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार के मुताबिक, जुग्गुन अविवाहित थी जबकि संदल की 1977 में शादी हुई थी लेकिन, 10 साल बाद 1987 में वह पति से अलग हो गयी और तबसे अलग ही रह रही थी। बकौल पुलिस इस मकान की रजिस्ट्री उनके बड़े भाई कुंज बिहारी के नाम पर है। जिनकी 21 सितंबर 2016 में मौत हो चुकी है। मकान का आधा हिस्सा जुग्गुन के नाम था और संदल अक्सर भाई कुंजबिहारी से मकान उसके नाम करने को कहती थी। बीते वर्ष कुंजबिहारी की मौत के बाद से दोनों बहनों में भी अक्सर तनातनी हो जाती थी। बताया जा रहा है कि केसर उर्फ जुग्गुन ने जानकीपुरम में रहने वाले छोटे भाई अंजनी की बड़ी बेटी ऋचा को गोद लिया था और उसी के नाम से प्रोविजन स्टोर भी चलाती थी। ऋचा दिल्ली में एक निजी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है.

वर्जन-

अकेले रहने वाली दो सगी बहनों की हत्या की गई है। हालात बता रहे कि उनकी हत्या गला दबाकर की गई है। हत्यारे ने जांच की दिशा बदलने के लिए मकान में रखे सामानों की तलाशी लेकर उसे लूट का रुप देने की कोशिश की गई है।

दीपक कुमार, एसएसपी

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