- प्रथम अपीलीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें

- जन सूचना अधिकारी का प्रथम दायित्व नागरिकों को सूचना उपलब्ध कराना है

Meerut . राज्य सूचना आयुक्त राजकेश्वर सिंह ने आयोग में लम्बित अपीलों के मण्डल स्तर पर निस्तारण के उद्देश्य से 18 अप्रैल से 20 अप्रैल तक आयुक्त कार्यालय में 300 लंबित अपीलों की सुनवाई की. जिसमें से करीब 250 अपील का निस्तारण किया गया. इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों पर समय पर सूचना न देने पर अर्थदण्ड लगाया तथा अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी कर आयोग में तलब करने के निर्देश भी दिए.

आज के युग की जरूरत

राज्य सूचना आयुक्त राजकेश्वर सिंह ने कहा कि सूचना का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है. यह आज के युग की जरुरत है. उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम से जहां एक ओर लोक प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली मे निष्पक्षता, पारदर्शिता व जबावदेही विकसित होगी वहीं दूसरी और भ्रष्टाचार मुक्त लोक प्रशासन की अवधारणा को मूर्तरुप दिया जा सकेगा.

अधिकारी सूचना उपलब्ध कराएं

राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि जन सूचना अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को समझे तथा आवेदक को सकारात्मक भाव के साथ सूचना उपलब्ध कराएं. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जन सूचना अधिकारी का प्रथम दायित्व नागरिकों को सूचना उपलब्ध कराना है .यदि प्रथम अपीलीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को ठीक प्रकार से निर्वहन करें तो आवेदक को द्वितीय अपील के लिए आयोग में जाने की जरुरत नही होगी. जिससे आयोग में लंबित अपीलों में भी कमी आयेगी .

मांगी जा सकती है सूचना

राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि प्राईवेट संस्थानों की जानकारी भी सूचना के अधिकार अधिनियम के माध्यम से मांगी जा सकती है. जिसके लिए प्राईवेट संस्थान जिस लोक प्राधिकरण के नियंत्रणाधीन है उसके माध्यम से सूचना मांगी जा सकती है . उन्होंने कहा कि बीपीएल श्रेणी के आवेदक से कोई आवेदन शुल्क नही लिया जाता है तथा यदि मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति के जीवन व स्वतंत्रता से सम्बंधित है तो ऐसी जानकारी 48 घंटे के अंदर उपलब्ध करानी होती है .

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर अपर आयुक्त आरएन धामा, रणधीर सिंह दुहन सहित जन सूचना अधिकारी व अपीलकर्ता आदि उपस्थित रहे.