- नहीं मिली सैलरी तो धरना लगा, किया काम से इनकार

- समय से सैलरी न मिलने से भड़क रहे नगर निगम कर्मचारी

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LUCKNOWअगर आप उम्मीद लगाए बैठे हैं कि आपके वार्ड में विकास का उजियारा होगा तो अभी आपको लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. इसकी वजह यह है कि निगम के पास डेवलपमेंट वर्क कराने के लिए फंड ही नहीं है. इसकी वजह से जहां विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं, वहीं कर्मचारियों को समय से वेतन तक नहीं मिल रहा है. जिसकी वजह से कर्मचारियों को प्रॉब्लम फेस करनी पड़ रही है. निगम प्रशासन की ओर से इस प्रॉब्लम को दूर करने के लिए फिलहाल कोई खास कदम भी नहीं उठाए गए हैं.

सितंबर के वेतन का इंतजार

अभी तक पांच से अधिक जोन में तैनात कर्मचारियों को सितंबर की सैलरी भी नहीं मिली है. त्योहार का सीजन होने और वेतन न मिलने से उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं.

और लगा दिया ताला

बुधवार को जोन तीन में निगम एवं जलकल कर्मचारी संघ एवं उप्र नगर निगम कर्मचारी संघ की ओर से निगम कार्यालय ताला डालकर धरना दिया गया. कर्मचारियों ने कहा कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक कामकाज बंद रहेगा.

यहां भी नहीं मिला वेतन

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, जोन 3 की तरह ही जोन 5, 6, 4 और 3 में भी कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन नहीं मिला है.

इन्हें भी नहीं मिला वेतन

संघ के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कल्याण मंडप में तैनात कर्मचारियों को भी सितंबर माह का वेतन नहीं मिला है. जबकि अप्रैल माह से लेकर अब तक कल्याण मंडपों से आय के रूप में निगम को एक करोड़ के करीब धनराशि प्राप्त हुई है.

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सड़कों की पैंचिंग भी अटकी

शासन की ओर से निगम को वार्डो में खस्ताहाल सड़कों की पैंचिंग कराने संबंधी निर्देश दिए गए हैं. इसके चलते निगम की ओर से वार्डो में सर्वे तो शुरू करा दिया गया है लेकिन सवाल यह है कि जब निगम का कोष खाली है, तो ऐसी स्थिति में पैचिंग का काम कैसे कराया जाएगा.

15 से 20 लाख की जरूरत

सड़कों की पैचिंग आदि के लिए 15 से 20 लाख रुपये की जरूरत है. सूत्रों की माने तो वर्तमान समय में निगम यह धनराशि मुहैया कराने में असमर्थ है.

वर्जन

जोन में तैनात कर्मचारियों को अभी सितंबर माह का वेतन नहीं मिला है. जिससे कर्मचारी परेशान हैं. निगम प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

सै. कैसर रजा, महामंत्री, नगर निगम एवं जलकल कर्मचारी संघ