हर दिसंबर में आती है डेडलाइन
ज्‍यादातर कंपनियां दिसंबर तक कर्मचारियों से टैक्‍स सेविंग के प्रूफ लेकर आयकर विभाग को भेज देती हैं। कभी छुटियां या किसी और वजह से कई कर्मचारी अपनी सेविंग का प्रूफ नहीं दे पाते। ऐसे में कंपनियां उनका अग्रिम टैक्‍स काटकर आयकर विभाग में जमा करा देती हैं। यह सारी कवायद 31 मार्च तक वित्‍त वर्ष के लिए होती है। कंपनियों को मार्च तक सैलरी के अगेंस्‍ट पूरा टैक्‍स काट कर आयकर विभाग में जमा करना ही होता है। ऐसा नहीं है कि जो कर्मचारी टैक्‍स सेविंग का प्रूफ जमा नहीं कर पाया तो उसका पैसा डूब ही जाता है। यदि वह टैक्‍स सेविंग के दायरे में आता है तो उसका पैसा ब्‍याज सहित इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट वापस कर देता है।
लास्‍ट डेट तक सेविंग प्रूफ नहीं दे पाए तो घबराए नहीं,नौकरीपेशा लोगों को टैक्‍स बचाने का मिलेगा एक और मौका

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यहां निवेश पर मिलेगी टैक्‍स छूट
यदि आपने प्रूफ जमा करने की यह डेडलाइन मिस कर दी है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आपको टैक्‍स सेविंग के सारे दस्‍तावेज जैसे इनकम टैक्‍स एक्‍ट-1961 के 80 सी सेक्‍सन के तहत पीपीएफ अंशदान की रसीद, इंश्‍योरेंस प्रीमियम की रसीद, होम लोन की किश्‍तें चुकाने की रसीद, बच्‍चों की ट्यूशन फीस की रसीद इत्‍यादि। इसी तरह आप 80 डी के तहत खुद या आश्रितों के ईलाज पर खर्च हुई धनराशि पर भी टैक्‍स छूट का दावा कर सकते हैं।
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डेडलाइन मिस होने पर नुकसान
दो सेक्‍टर ऐसे हैं जहां एक बार डेडलाइन मिस हो गई तो आपको हर हाल में नुकसान उठाना ही होगा। इसमें पहला मद है एलटीए यानी लीव ट्रेवल असिस्‍टेंस का क्‍लेम आप नियोक्‍ता के माध्‍यम से ही कर सकते हैं। डेडलाइन मिस हो जाने पर इस मद के तहत आपको टैक्‍स छूट नहीं मिलती। इसी प्रकार आपकी कंपनी यदि कोई मेडिकल रिम्‍बर्समेंट देती है तो उसका लाभ भी आपको डेडलाइन मिस करने के बाद नहीं मिलेगा। इन मामलों में आपको समय का ध्‍यान रखना होगा। ऐसे दोनों क्‍लेम का फायदा आप नियोक्‍ता के जरिए ही उठा सकते हैं।
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ब्‍याज सहित वापस मिलेगा पैसा
कंपनी से मेडिकल रिम्‍बर्समेंट और एलटीए छोड़कर टैक्‍स छूट की बाकी रकम डेडलाइन मिस होने के बावजूद आप आयकर रिटर्न भर कर वापस पा सकते हैं। इसके लिए आपको निवेश संबंधी सभी दस्‍तावेज की जानकारी डिटेल में आयकर विभाग को देनी होती है। आयकर रिटर्न फाइल करने के बाद आपका जो भी दावा बनता होगा इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ब्‍याज सहित आपके लिंक बैंक में वापस भेज देता है। आयकर रिटर्न आप इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की साइट पर लॉगिन करके आनलाइन फाइल कर सकते हैं।
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