क्‍या होती है बेनामी प्रॉपर्टी
बेनामी प्रॉपर्टी वो होती है जिसे खरीदते वक्‍त लेनदेन उस शख्स के नाम पर नहीं होता जिसने इस प्रॉपर्टी की कीमत चुकाई है। यह किसी दूसरे व्‍यक्ति के नाम पर होता है। ऐसी प्रॉपर्टी पत्नी, बच्चों या किसी रिश्तेदार के नाम पर खरीदी जाती है। कई लोग अपने नौकरों, दोस्‍तों के नाम पर भी प्रॉपर्टी खरीदते हैं। ऐसी प्रॉपर्टी जिस व्‍यक्ति के नाम खरीदी जाती है उसे बेनामदार कहा जाता है।
अपनी प्रॉपर्टी की 3 चीजें अभी चेक कर लें नहीं तो पछताना पड़ेगा,सरकार के नये फरमान से हाथ से निकल सकती है संपत्ति
इनकम टैक्‍स में नहीं किया है डिक्‍लेयर तो है बेनामी प्रॉपर्टी
यदि आपने अपने बेटे या बेटी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है लेकिन उसे आपने अपनी इनकम टैक्‍स रिटर्न में डिक्‍लेयर इनकम का हिस्‍सा नहीं दिखाया है तो उसे आपकी बेनामी प्रॉपर्टी माना जाएगा। यदि आपके पास कोई ज्‍वाइंट प्रॉपर्टी है यानी एक प्रॉपर्टी जिसमें आपका नाम तो है लेकिन आपने इस खर्च का जिक्र अपने इनकम टैक्‍स रिटर्न में नहीं किया है तो उसे भी बेनामी मान लिया जाएगा।
अपनी प्रॉपर्टी की 3 चीजें अभी चेक कर लें नहीं तो पछताना पड़ेगा,सरकार के नये फरमान से हाथ से निकल सकती है संपत्ति
आप भी चेक कर लें अपनी प्रॉपर्टी की ये तीन चीजें  
1- आप अपनी प्रॉपर्टी के पेपर्स चेक कर लें। प्रॉपर्टी किस के नाम पर है। यदि आपके परिजनों के नाम पर है तो यह अवश्‍य देख लें कि जिस कीमत पर रजिस्‍ट्री हुई थी।
2- प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के वक्‍त आपने यह प्रॉपर्टी अपनी इनकम टैक्‍स रिटर्न में डिक्‍लेयर की थी या नहीं।
3- परिवार के जिस सदस्‍य के नाम पर खरीदी गई थी, उसकी इनकम टैक्‍स रिटर्न भरी जाती है या नहीं। यदि भरी जाती है तो प्रॉपर्टी की कीमत का एक हिस्‍सा उसके आईटीआर में डिक्‍लेयर किया गया है या नहीं।
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सरकार ने किया है बेनामी प्रॉपटी एक्‍ट में संशोधन
बेनामी लेन-देन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने पहले बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन एक्‍ट 1988 में संशोधन किया। एक्‍ट में प्रावधान किया गया है कि सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी को लगता है कि आपके कब्‍जे की प्रॉपर्टी बेनामी है तो वह आपको नोटिस जारी कर आपसे प्रॉपर्टी के कागजात तलब कर सकता है। इस इस नोटिस के तहत आपको 90 दिन के भीतर अपनी प्रॉपर्टी के कागजात अधिकारी को दिखाने होंगे।
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बेनामी संपत्ति मिलने पर है अधिकतम 7 साल की सजा
बेनामी लेनदेन करने पर नए कानून के तहत तीन से सात साल की कठोर कैद की सजा और प्रॉपर्टी की बाजार कीमत पर 25 फीसदी जुर्माने का प्रावधान है। ये दोनों सजा साथ-साथ दी जा सकती है। जो लोग जानबूझकर गलत सूचना देते उन पर प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य का 10 फीसदी तक जुर्माना और 6 माह से लेकर 5 साल तक का जुर्माने का प्रावधान है। ये दोनों सजा साथ-साथ दी जा सकती है। यदि आप साबित नहीं कर पाते हैं कि यह प्रॉपर्टी आपकी है तो सरकार उसे जब्‍त भी कर सकती है।
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ऐसे कर सकते है बेनामी संपत्ति को नामी
यदि आपने दो साल के दौरान कोई प्रॉपर्टी खरीदी, लेकिन उसक डिक्‍लेयर नहीं किया गया तो हम आपको बताते हैं कि कैसे आप उस प्रॉपर्टी को लीगल कर सकते हैं। आप अपने पिता के नाम से टैक्‍स रिटर्न भर सकते हैं। एक्‍ट में यह प्रावधान है कि आप दो साल की इनकम टैक्‍स रिटर्न एक साथ भर सकते हैं। यदि आपके पास कोई एग्रीकल्‍चर लैंड है और खेती-बाड़ी करने से आपको आमदनी होती है तो आप अपने पिता के नाम से उसको डिक्‍लेयर करके इनकम टैक्‍स रिटर्न भर सकते हैं।
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आईटीआर भर रहे हैं तो बची रहेगी प्रॉपर्टी
यदि आपको किसी प्रॉपर्टी से रेंटल इनकम होती है तो आप उसे अपने परिजनों के नाम पर शो कर आईटीआर भर सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी रिवाइज्‍ड इनकम टैक्‍स रिटर्न भर सकते हैं जिसमें आप दिखा सकते हैं कि आपने अपनी अपनी पत्‍नी, बच्‍चों या माता-पिता को प्रॉपर्टी गिफ्ट की है। हालांकि इसके लिए आपको पना सोर्स ऑफ इनकम बताना होगा।
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