जितनी महंगी कार उतना महंगा मिलेगा पेट्रोल! नेट न्यूट्रैलिटी के बिना फोन पर ऐसे ही मिलेगा इंटरनेट

By: Chandra Mohan Mishra | Publish Date: Fri 22-Dec-2017 07:05:15
A- A+
जितनी महंगी कार उतना महंगा मिलेगा पेट्रोल! नेट न्यूट्रैलिटी के बिना फोन पर ऐसे ही मिलेगा इंटरनेट
अगर आप नेट न्यूट्रैलिटी और उसके फायदे के बारे में नहीं जानते हैं तो आगे आपको बहुत काम की जानकारी मिलने वाली है। मान लीजिए कि भारत में नेट न्यूट्रैलिटी की व्‍यवस्‍था खत्म हो जाए तो आपको अपने WhatsApp डाटा पैक के लिए 60 रुपए तो ट्विटर वाले डाटा पैक के लिए 200 रुपए अलग से अदा करने पड़ सकते हैं। क्‍या ये व्‍यवस्‍था आपको पसंद आएगी?

हाल ही में अमेरिका में नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर एक पुराने कानून को रद्द करने का फैसला लिया गया है और इस फैसले को लेकर अमेरिका ही नहीं दुनिया भर में तमाम बहस और विरोध शुरू हो गया है। वैसे तो नेट न्यूट्रैलिटी का मुद्दा अमीर और गरीब सभी यूजर्स से जुड़ा है लेकिन ज्यादातर लोग इसके बारे में सब कुछ नहीं जानते।

 

आखिर क्या है इंटरनेट न्यूट्रैलिटी?

किसी भी इंटरनेट यूजर को एक समान स्पीड और एक समान कीमत पर इंटरनेट सर्विस दिए जाने का कंसेप्ट ही कहलाता है 'इंटरनेट न्यूट्रैलिटी'। इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनियों में हर देश के टेलीकॉम ऑपरेटर्स मेन रोल अदा करते हैं। नेट न्यूट्रैलिटी के दौरान कोई भी कंपनी अलग-अलग वेबसाइट या अलग-अलग यूजर की डाटा जरूरतों के आधार पर डाटा की अलग-अलग कीमतें नहीं ले सकती और ना ही वो किसी वेबसाइट या ऐप के लिए इंटरनेट को ब्लॉक कर सकती हैं और ना ही उसकी नेट स्पीड कम कर सकती है। आसान भाषा में समझे तो किसी भी रोड पर चल रहे ट्रैफिक में साइकिल से लेकर मोटर कार और ट्रक शामिल होते हैं और ट्रैफिक सिस्‍टम में उन सबके साथ एक जैसा बर्ताव किया जाए तो वह नेट न्यूट्रैलिटी कहलाएगी।

 

net neutrality, नेट न्यूट्रैलिटी, net neutrality in hindi, science news, net neutrality India, net neutrality meaning, USA, net neutrality news,Net neutrality top 5 facts, net neutrality ajit pai, ajit pai, Internet fast lanes, whatsapp calling, trending news, viral news, tech news in Hindi

 

पढ़ाई करके जल्‍दी भूल जाते हैं तो वैज्ञानिकों की बताई यह एक्सपर्ट ट्रिक जरूर ट्राई कीजिए

 

क्यों जरूरी है इंटरनेट न्यूट्रैलिटी

अगर किसी देश में इंटरनेट न्यूट्रैलिटी सिस्‍टम नहीं होगा तो आपका इंटरनेट का खर्चा बेतहाशा बढ़ सकता है। जैसे कि अभी आप WhatsApp या Skype से फ्री ऑडियो और वीडियो कॉलिंग कर लेते हैं और STD या ISD कॉल की महंगी दरों का भुगतान करने से बच जाते हैं। अब अगर टेलीकॉम कंपनियां WhatsApp वीडियो कॉल या Skype कॉलिंग के लिए ज्यादा महंगा इंटरनेट रेट चार्ज करें तो आप का खर्चा तो बढ़ना तय है और ऐसा कई देशों में हो भी रहा है।

 

नेट न्यूट्रैलिटी का टेलीकॉम कंपनियां क्यों करती है विरोध

इसकी वजह साफ है! नेट न्यूट्रैलिटी के कारण टेलीकॉम कंपनियां के सामने कारोबार को चलाने और बढ़ाने से जुड़ी तमाम मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। एक दौर था कि जब लोग टेक्स्ट मैसेज के लिए SMS सर्विस यूज करते थे और उसके लिए पैसे भी देते थे। पर आजकल लोग लगभग फ्री इंटरनेट और फ्री WhatsApp जैसी ऐप्‍स द्वारा मुफ्त में अंधाधुंध मैसेज कर रहे हैं और टेलीकॉम कंपनियों को इसका कोई पैसा नहीं मिल रहा। देश में वैसे भी जब से जियो सर्विस शुरु हुई है, तब से सभी कंपनियों को काफी कम कीमत पर हर रोज 1 जीबी इंटरनेट डेटा देना पड़ रहा है। यही वजह है कि टेलीकॉम कंपनियां ऐसी तमाम ऐप्स और वेबसाइटों के लिए ज्यादा रेट वाला इंटरनेट चार्ज करना चाहती हैं ताकि वो अपनी इनकम में हुए नुकसान की भरपाई कर सकें।

 

net neutrality, नेट न्यूट्रैलिटी, net neutrality in hindi, science news, net neutrality India, net neutrality meaning, USA, net neutrality news,Net neutrality top 5 facts, net neutrality ajit pai, ajit pai, Internet fast lanes, whatsapp calling, trending news, viral news, tech news in Hindi

 

खुशखबरी! आने वाली पीढ़ी नहीं पिएगी अल्कोहल, वैज्ञानिक ने खोजा नायाब तरीका

 

नेट न्यूट्रैलिटी के खिलाफ दिए जाते हैं ऐसे तर्क

तमाम टेलीकॉम एक्सपोर्ट नेट न्यूट्रैलिटी के खिलाफ एक तर्क बड़ी मजबूती से रखते हैं। उनका कहना है कि सरकारों को ओपन मार्केट सिस्टम में काम करने वाली कंपनियों के कामकाज में दखल नहीं देना चाहिए और कॉन्पिटिटिव ओपन मार्केट सिस्टम के बारे में यह कहा भी जाता है कि जो कंपनी सबसे कम कीमत पर बेहतर सेवाएं देगी, वही मार्केट लीडर बनेगी। तमाम टेल्‍कोज यह भी लॉजिक देते हैं कि उन्होंने करोड़ों रुपए खर्च करके अपने वायरलेस नेटवर्क यानी टावर्स को खड़ा किया है और आजकल यूजर फोन नेटवर्क से कॉलिंग की बजाए सस्‍ते इंटरनेट के साथ WhatsApp जैसी एप पर फ्री में वॉयस या वीडियो कॉल कर रहे हैं।

 

 अमेरिकी नौसेना को परेशान करने वाली उड़न तश्तरी का खुफिया वीडियो अब दिखा दुनिया को

 

इंटरनेट न्यूट्रैलिटी खत्म हो जाए तो क्या होगा

अगर अमेरिका ही नहीं बल्कि भारत में भी नेट न्यूट्रैलिटी खत्म हो जाए तो टेलिकॉम ऑपरेटर अलग अलग डाटा सर्विसेस के साथ-साथ कॉलिंग सर्विस के लिए भी एक्स्ट्रा पैसे वसूल कर सकेंगे। कहने का मतलब यह है कि हर एक सर्विस के लिए अलग अलग रेट चार्ट हो सकता है। यही नहीं टेलीकॉम कंपनियां ज्यादा डाटा कंज्‍यूम करने वाली सर्विसेस को ब्लॉक कर सकती हैं या उनके लिए इंटरनेट स्पीड को धीमा कर सकती हैं। या फिर कंपनियां किसी ऐसी ऐप के लिए फ्री डाटा भी दे सकती हैं जो कंपनी को अलग से पैसे दे रही हो। ऐसे तो मार्केट का हेल्‍थी कॉम्‍पटीशन ही खत्‍म हो जाएगा। कुछ साल पहले आया एयरटेल जीरो प्लान ऐसे ही सर्विस का नमूना था। नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर देश में मचे घमासान के बाद कंपनी ने खुद ही इस प्‍लान को बंद कर दिया।


रात-दिन फोन में चिपके रहने वाले बच्चों से परेशान MOM ने चुन-चुन कर उनके फोन्‍स को मारी गोलियां!

International News inextlive from World News Desk

खबरें फटाफट