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बाहुबली 2 के ये पांच सबक आपकी जिंदगी में भर सकते हैं खुशी और सुकून

By: Inextlive | Publish Date: Fri 19-May-2017 02:47:00   |  Modified Date: Fri 19-May-2017 02:49:55
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बाहुबली 2 के ये पांच सबक आपकी जिंदगी में भर सकते हैं खुशी और सुकून
बाहुबली 2 द कन्‍क्‍लूजन इस दशक की सबसे सफल फिल्‍म है ये हम सब मानते भी हैं और जानते भी हैं। हम अक्‍सर ये भी कहते हैं कि फिल्‍मों में दिखाई गयी बातें हमारे जीवन पर बहुत गहरा असर डालती हैं। लोग उन्‍हें फॉलो करने की कोशिश में अजीबो गरीब काम या अपराध करने के प्रयास करते हुए देखे भी गए। क्‍या फिल्‍में हमें सिर्फ निगेटिव बातें सिखाती हैं, नहीं ऐसा नहीं है। इसी का जवाब हम आपको यहां दे रहे हैं फिल्‍म बाहुबली 2 की पांच ऐसी बातों के तौर पर जो आपको बेहतर और खुशहाल जिंदगी के रास्‍ते पर ले जायेंगी।

1- फल के बारे सोचे बिना महल या झोपड़ी में रहते हुए अपना कर्त्‍तव्‍य पूरा करने में महसूस करो खुशी (Bahubali)
जी हां अमरेंद्र बाहुबली ने कभी भी ये नहीं सोचा कि उनके किसी कदम के नतीजे में उनका राज्‍य छिन सकता है या उसे महल से निकल कर झोपड़ी में रहना पड़ सकता है। उन्‍होंने महज अपने फर्ज के बारे में सोचा और उसे ईमानदारी से निभाया। हम अक्‍सर  सोचने लगते हैं कि जो हम कर रहे हैं उसका नतीजा क्‍या होगा और तनाव में आ जाते हैं। बाहुबली की तरह हम सिर्फ अपने काम पर फोकस करके हर हाल में खुश रहें तो ज्‍यादा बेहतर होगा। नतीजा क्‍या होगा इसकी चिंता किए बना उसी की तरह बस खुशी से अपना काम करें तो जिंदगी में कभी भी तनाव और दुख नहीं रहेगा।

2- कड़वी बातें बोलने वाली स्‍त्री खुद के साथ साथ परिवार को कर देती है बरबाद (Devasena)
भले ही अमरेंद्र बाहुबली की पत्‍नी देवसेना का इरादा गलत नहीं था पर उसके एटिट्यूड और कड़वी बातों ने इतना बुरा असर डाला कि बाहुबली की सत्‍ता और राजमहल दोनों छिन गए। इसके अलावा गलत मौके पर सामने रखी गयी देवसेना की बाहुबली को राजा बनाने की मांग के चलते उनकी हत्‍या का कारण बन गयी। इसलिए कभी भी बिना सोचे और बेवक्‍त कड़वी कसीली बातें करने से बचना चाहिए। सच बोलना अच्‍छा है पर उसे समझदारी से, सही वक्‍त पर और नम्रता के साथ बोलना सबसे जरूरी है।
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3- बिना सोचे किसी का यकीन करना और फेवरिज्‍म करना ठीक नहीं (Sivagami Devi)
अक्‍सर हम सोचते हैं कि जो हमारे पक्ष में बोल रहा है वही हमारा सबसे ज्‍यादा भला चाहता है और हम उसकी हर बात पर बिना कोई सवाल उठाये यकीन कर लेते हैं, ये सही नहीं है। खासतौर पर जब आप किसी जिम्‍मेदार पद पर हों या निर्णय लेने का अधिकार आपका हो तो ऐसा बिलकुल ना करें। अगर शिवगामी देवी ने अपनी आंखें खुली रखी होतीं और भावना में बहने की जगह सोच समझ कर फैसले किए होते तो वो भल्‍लालदेव और उसके चमचों की झूठी बातों को को समझ जाती और बाहुबली और अपनी मृत्‍यु का कारण नहीं बनतीं।
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4- आंख बंद करके किसी को फॉलो मत करो भले ही वो कितना भी शक्‍तिशाली हो (Kattappa)
कटप्‍पपा बेहद लॉयल और बहादुर इंसान था, लेकिन वो भूल गया कि वो राजा का नहीं राज्‍य का सेवक है। वो राजा की अंधभक्‍ति में इतना डूब गया कि राज्‍य का अहित कर बैठा। चलो उसे मालूम नहीं था कि उनका नया राजा महेंद्र बाहुबली जीवित है पर उससे पहले उसे ये तो मालूम था कि माहिष्‍मति का असली रखवाला अमरेंद्र बाहुबली है, फिर भी वो उसकी हत्‍या के षड़यंत्र में ही शामिल नहीं हुआ बल्‍कि हत्‍यारा भी बन गया। याद रखें आपका कमिटमेंट ऑग्रेनाइजेशन के साथ होता है अधिकारी के साथ नहीं इसलिए उसकी हर गलत बात में आपका शामिल होना कतई जरूरी नहीं है।
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5- केवल जिद्द करने या ठान लेने से नहीं अच्‍छी नीयत से मिलता है शानदार नतीजा (Bhallaladeva)
ये तो हम हमेशा से सुनते आये हैं कि लालच बुरी बला है पर आज तक कई पॉवरफुल लोग इस बात को मानते नहीं हैं। अगर कोई चीज आपकी नहीं है या आप उसे डिजर्व नहीं करते तो फिर उसको जबरदस्‍ती हासिल करने की कोशिश ना करें। वरना वही होगा जो भल्‍लाल देव के साथ हुआ। वो बेशक शक्‍तिशाली था पर माहिष्‍मति का राज्‍य उसका नहीं था और वो उस पर शासन करने का हकदार नहीं था, फिर भी उसने उस पर कब्‍जा कर लिया। नतीजा क्‍या हुआ वो कभी भी सुख चैन से उस पर राज नहीं कर सका और आखिर में मारा गया।

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