कोर्ट का फैसला, आंखों की रोशनी छीनने वाली को भी गंवानी होगी अपनी आंख

By: Inextlive | Publish Date: Sun 05-Feb-2017 03:32:01
A- A+
कोर्ट का फैसला, आंखों की रोशनी छीनने वाली को भी गंवानी होगी अपनी आंख
इस फैसले को सुनने के बाद आपके भी रोंगटे खड़े हो गए होंगे। है न! दरअसल ये फैसला सुनाया है ईरान की सुप्रीम कोर्ट ने। कोर्ट ने एक महिला की आंख निकालने का फैसला सुनाया है। महिला को ये सजा इस्‍लामिक शरिया कानून 'आंख के बदले आंख' के अंतर्गत सुनाई गई है। आइए, देखें क्‍या है पूरा माजरा।

ऐसी थी घटना
इस खबर की जानकारी ईरान की सरकारी मीडिया की ओर से दी गई है। एक न्‍यूज एजेंसी की ओर से दी गई रिपोर्ट्स पर गौर करें तो मालूम पड़ता है कि इस पूरे मामले की शुरुआत 2011 में हुई थी। उन दिनों आरोपी महिला ने सिना नाम की एक लड़की के चेहरे पर एसिड फेंक दिया था। उस घटना में सिना का पूरा चेहरा बुरी तरह से झुलस गया था। सिर्फ यही नहीं उस अटैक में उसकी एक आंख की रोशनी भी चली गई थी।

उस समय से चल रहा था केस
सिना के परिजनों की शिकायत पर आरोपी महिला पर केस चल रहा था। उसी मामले पर बीते गुरुवार को कोहजिलुयेह प्रोविंस के ज्युडिशियरी हेड माजिद करामी ने अपना रोंगटे खड़े कर देने वाला फैसला सुनाया। अपने फैसले के तहत उन्‍होंने कहा कि महिला ने बेहद संगीन जुर्म किया है। उसके जुर्म के कारण पीड़ित महिला की पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई है। इसको ध्‍यान में रखते हुए आरोपी महिला की सजा भी उतनी ही खतरनाक होनी चाहिए।

पढ़ें इसे भी : क्या ये डोनल्ड ट्रंप के सौतेले भाई हैं?

साथ ही करना होगा ब्‍लड मनी का भी भुगतान
आरोपी महिला की आंख निकालने के साथ ही माजिद ने उसको ब्‍लड मनी का भुगतान करने और 7 साल जेल की सजा भी सुनाई है। हालांकि अभी आरोपी महिला के नाम और उसे सजा देने के दिन का खुलासा नहीं किया गया है। अभी लोगों को इस खुलासे का भी बेसब्री के साथ इंतजार है।

पढ़ें इसे भी : तो क्‍या भारतीय भी हैं ट्रंप के निशाने पर! जानें क्‍या है यूएस प्रेसिडेंट के इस लीक ऑर्डर में

आइए जानें क्‍या है ये शरिया कानून
ईरान में शरिया कानून को बहुत माना जाता है। इस कानून के तहत यहां पर शारीरिक चोट के बदले बदला लेने की पूरी तरह से इजाजत है। 1979 में इस्‍लामिक क्रांति के बाद से ईरान में इस कानून को लागू किया गया था। इस कानून के तहत ये बात भी बताई गई थी कि सिर्फ पीड़ित और उसके परिवार को ही सजा को लागू होने से रोकने का अधिकार होगा।    

पढ़ें इसे भी : सीआईए का दावा भारत और उसके आसपास छह बार दिखे UFO

International News inextlive from World News Desk