क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार की हत्या की साजिश रचने के आरोप में धनबाद जेल में बंद भाजपा विधायक संजीव सिंह को गुरुवार को रांची लाया गया. बुलेट प्रूफ गाड़ी से उन्हें रांची लाया गया था. बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में वीआइपी कैदियों के लिए बने अपर डिविजन सेल में रखा गया है. जेल के भीतर भी उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जेल प्रबंधन ने बताया कि अपर डिविजन सेल में मिलने वाली सभी सुविधाएं विधायक संजीव सिंह को उपलब्ध करा दी गई है.

गाडि़यों का काफिला

झरिया विधायक को भारी सुरक्षा के बीच बुलेट प्रूफ सफारी गाड़ी में लाया गया था. उनके साथ हथियार से लैस जवानों की सात गाडि़यां थी. सुरक्षाकर्मियों की गाडि़यों के पीछे उनके भाई मनीष गौतम सहित उनके कार्यकर्ताओं की डेढ़ दर्जन गाडि़यां थीं. कार्यकर्ताओं की गाड़ी को जेल से कुछ दूरी पर ही रोक दिया गया था.

सुरक्षा में लगाए गए थ सैप जवान

कारा महानिरीक्षक सुमन गुप्ता के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है. कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे सुबह करीब नौ बजे धनबाद से चले थे. उनकी सुरक्षा में सेवानिवृत्त सैनिकों के बटालियन (सैप) के जवानों को लगाया गया था. सबसे आगे बख्तरबंद गाड़ी थी, जिस पर सवार जवान मोर्चा लिए हुए थे. उनके रांची आगमन पर यहां की पुलिस भी जहां-तहां तैनात थी.

21 मार्च को नीरज सिंह की हुई थी हत्या

विधायक संजीव सिंह के चचेरे भाई पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह को 21 मार्च को सरायढेला में गोलियों से भून दिया गया था. इसी मामले में विधायक 11 अप्रैल से धनबाद जेल में बंद थे. खुफिया विभाग ने जेल प्रशासन और जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी थी कि जेल में विधायक की जान को खतरा है. इसके बाद जेल आइजी सुमन गुप्ता ने पहले दुमका जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था. विधायक संजीव के परिजनों और भाजपा विधायकों के विरोध के बाद गुरुवार को दुमका के बजाय रांची भेजा गया.