जुवेनाइल क्राइम में बरेली भी काफी आगे

By: Inextlive | Publish Date: Sat 11-Nov-2017 03:30:26   |  Modified Date: Sat 11-Nov-2017 03:33:07
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जुवेनाइल क्राइम में बरेली भी काफी आगे
-कोई महंगे शौक तो कई अय्याशी के चलते बने रहे अपराधी -कई नाबालिग गलत दोस्तों में की संगत में आकर कर रहे अपराध

BAREILLY :

गुरुग्राम के रेयॉन स्कूल में मासूम प्रद्युम्न की हत्या करने वाला उसके स्कूल का ही सीनियर स्टूडेंट निकला, जिससे एक बार फिर बाल अपचारियों को लेकर बहस तेज हो गई है. इसी क्रम में दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने बरेली में जुवेनाइल पर नजर दौड़ाई तो बड़े शहरों की तरह यहां भी बाल अपचारियों के चौंकाने वाले मामले सामने आए, जिसमें हत्या, रेप और असलहा जैसे संगीन मामलों के आरोप में कई बाल अपचारी भी पकड़े जा चुके हैं. जिसमें से कई अपराधी आज किशोर सुधार गृह में बंद हैं. आइए बताते हैं आपको शहर में नाबालिग अपराधियों की हकीकत..

 

बेटी ने कर दी पिता की हत्या

बारादरी थाना के एक कॉलोनी निवासी किशोरी ने पिता की 2 जनवरी 2017 की रात को हत्या कर दी. वारदात के वक्त किशोरी अपने पिता के साथ घर में अकेली थी. इस मामले में किशोरी ने हत्या के बाद अपना जुर्म भी कुबूल कर लिया. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी मानते हुए किशोरी को हिरासत में लेने के बाद मामला दर्ज कर उसे किशोर सुधार गृह मुरादाबाद भेज दिया.

 

महंगे शौक ने बनाया लुटेरा

प्रेमनगर थाना पुलिस ने 7 अगस्त 2017 को ललित मोहन निवासी जनकपुरी का मोबाइल लूटने वाले गैंग और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले गैंग को पकड़ा था. जिनमें दसवी के तीन स्टूडेंट भी हैं. पूछताछ करने पर पता चला कि वह महंगे शौक और गर्लफ्रेंड पर खर्च के चलते कर्जे में चले गए थे. उस कर्जा को निपटाने के लिए मोबाइल लूटने लगे.

 

7वीं के छात्र के बैग में मिला तमंचा

जसोली किला निवासी जीपीएम स्कूल में पढ़ने वाला स्टूडेंट 23 फरवरी 2017 को स्कूल में बैग में तमंचा लेकर स्कूल पहुंच गया. उसने साथी स्टूडेंट को तमंचा दिखाया तो साथियों ने टीचर से शिकायत कर दी. सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस पहुंची तो पूछताछ में स्टूडेंट ने बताया कि वह आठवीं का स्टूडेंट है. उसके पिता एक डेयरी संचालक हैं. पुलिस ने उसे बाल सुधार गृह भेज दिया है.

 

मैं ओबामा बोल रहा हूं..

इज्जतनगर थाना के वीर सांवरकर नगर निवासी एक 8वीं के स्टूडेंट्स ने 27 सितम्बर 2016 को एसआरएस सिनेमा के टेली कॉलिंग नम्बर पर कॉल कर बताया कि मैं ओबामा बोल रहा हूं. मॉल के ऑडी नम्बर 4 में बम है. मॉल में बम की सूचना पर पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए, इज्जतनगर पुलिस के साथ अन्य थानों की फोर्स के साथ डॉग स्क्वॉड, एटीएस, बम निरोधक दस्ता भी मॉल में पहुंच गया. मामले की तफ्तीश में छात्र की हरकत पकड़ में आ गई.

 

एक्सपर्ट की बात

जो पेरेंट्स बिजी होने के चलते बच्चों को समय नहीं दे पाते हैं. उनकी मनोस्थिती को नहीं समझ पाते हैं. वह बच्चे अपने मां-बाप से किसी बारे में पूछताछ करने की जगह दोस्तों से आधा-अधूरा ज्ञान लेते हैं. जो गलत है. इसके साथ बच्चों के टीवी, मोबाइल और सोशल साइट का यूज करते हैं पेरेटस को चाहिए उसे लिमिट में करने दे. बच्चे जैसा देखते हैं वैसा ही करना चाहते हैं.

 

डॉ. सुविधा शर्मा, एचओडी बीसीबी साइकोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट

 

बच्चे किशोरावस्था में कुछ भी गलत करते हैं तो उन्हें सही लगता है. और कई बार तो मां-बाप की नॉलेज में भी इस तरह की बात नहीं बताते हैं. इसमें सबसे बड़ा रोल तो मां-बाप और फिर टीचर्स का होता है कि ऐसे बच्चे जो हिंसक व्यवहार करें तो उन्हें समझाएं जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग कराए. बच्चों के लिए साइकोलॉजिकल क्लास भी होनी चाहिए.

हेमा खन्ना, साइकोलॉजिस्ट