हिन्दी अपने देश की भाषा, जिसमें प्रेम का पानी है..

By: Inextlive | Publish Date: Wed 14-Sep-2016 07:40:03
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हिन्दी अपने देश की भाषा, जिसमें प्रेम का पानी है..

शम्भूनाथ इन्स्टीट्यूट में हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन

हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को शम्भूनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में हिन्दी के सतत् विकास पर संगोष्ठी एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। आयोजन में इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो। राजेन्द्र प्रसाद बतौर चीफ गेस्ट उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषा पर गर्व है, जो आज पूरी दुनिया में बोली जाने लगी है। विशिष्ठ अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो राम किशोर शर्मा ने कहा कि वर्तमान युग में हिन्दी ने अपना बहुमुखी विकास किया है जो हिन्दी भाषा के लिए सुखद अनुभूति है। अध्यक्षता कर रहे कवि सुधांशु उपाध्याय ने कहा कि हिन्दी न केवल कविता- कहानी की भाषा बनी बल्कि पूरी दुनिया में अपना दबदबा दिखाया है। दुनिया के 156 देशों के विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जा रही है। यह इसके विकास व लोकप्रियता का प्रमाण है.

इसके बाद कवि सम्मेलन का शुभारम्भ सुश्री प्रीता बाजपेयी की वाणी वन्दना के साथ हुआ। उन्होंने साथ ही अपनी गज़ल पढ़ी

मुझे बर्बाद करने को तो बस एक अफवाह है काफी।

हमारा शहर तो माचिस की तिली से जलता है।।

संचालन कर रहे गीतकार शैलेन्द्र मधुर ने हिन्दी की गरिमा बयां करते हुए पढ़ा,

हिन्दी अपने देश की भाषा, जिसमें प्रेम का पानी है।

देश को पूरे बांधे रखती, इसकी यही निशानी है।।

अध्यक्षता कर रहे कवि सुधांशु उपाध्याय ने

इस युग के हम हुए भागीरथ, अपनी यही कहानी

आगे- आगे प्यास चल रही, पीछे- पीछे पानी

पढ़कर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। कवि सम्मेलन में डॉ ध्रुवेन्द्र भदौरिया, जावेद शोहरत, अमित जौनपुरी, डॉ नायाब बलियावी, विनय बागी शर्मा, राधेश्याम भारती, डॉ आभा श्रीवास्तव आदि ने अपनी रचनाएं सुनाकर खूब तालियाँ बटौरी. संस्था के सचिव डॉ कौशल कुमार तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर प्रो आरके सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संस्था के फेकलिटीज व छात्र- छात्राओं के अलावा गिरजा शंकर मिश्रा, एससी रोहगती, मुकुल जायसवाल, अन्नु भईया आदि गणमान्य भी मौजूद रहे.

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