श्रीकांत का जन्म
श्रीकांत का जन्म 7 फरवरी 1993 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में हुआ था। इनके पिता का नाम केवीएस कृष्णा है। पेशे से श्रीकांत के पिता एक किसान हैं। इनकी माता का नाम राधा है, जो एक हाउस वाइफ हैं। श्रीकांत के बड़े भाई का नाम नन्द गोपाल है और वो भी पेशे से एक बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। बता दें कि श्रीकांत को शुरू से ही बैडमिंटन खेलने का बहुत शौक था।

श्रीकांत का करियर
श्रीकांत ने करियर की शुरुआत डबल्स खिलाड़ी के तौर पर की थी। गोपीचंद एकेडमी में उन्होंने शुरुआत के तीन साल डबल्स और मिक्स्ड डबल्स की ट्रेनिंग ली। इसके बाद कोच पुलेला गोपीचंद की सलाह पर साल 2011 में सिंगल्स पर ज्यादा फोकस करना शुरू किया, जो उनक खेल के लिए बड़ा बदलाव साबित हुआ। उसी साल उन्होंने कामनवेल्थ युथ गेम्स के मिक्स्ड डबल में रजत और पुरुषों के डबल मुकाबले में कांस्य पदक जीता।

कुछ तरह रहा श्रीकांत का सफर
इसके बाद साल 2012 में मालदीव अंतराष्ट्रीय चैलेंज के दौरान श्रीकांत ने जूनियर विश्व चैंपियन ज़ुल्फडली ज़ुलकिफली को फाइनल में हराया। इसके ठीक एक साल बाद SCG थाईलैंड ओपन में उन्होंने अपना पहला गोल्ड जीता। साल 2014 में श्रीकांत अपनी प्रतिभा के जरिये सभी के नजर में आ गए। बता दें कि हैक्सिया ओलंपिक स्पोर्ट सेण्टर में श्रीकांत दो बार के ओलिंपिक चैंपियन लीन डान को हराकर चीन ओपन सुपरसीरीज प्रीमियर का खिताब अपने नाम किया था। साल 2015 में उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया।

साउथ एशियन गेम में गोल्ड जीता
इसके बाद सीरी फोर्ट स्टेडियम में आयोजित इंडियन ओपन सुपरसीरीज में उनहोंने डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन का सामना कर अपना पहला इंडियन ओपन सुपरसीरीज खिताब जीता। जनवरी 2016 में उन्होंने सैय्यद मोदी चैंपियनशिप को जीतकर लोगों को अपने टैलेंट के बारे में बताया। श्रीकांत ने साल 2016 में गुवाहाटी में आयोजित हुए साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड हासिल किया था। आज अपने टैलेंट के जरिये श्रीकांत सिंगल बैडमिंटन में दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी बन गए हैं।