10 हिंदी के मुहावरे जो आपने बचपन में जरूर पढ़े होंगे

By: Inextlive | Publish Date: Wed 13-Sep-2017 06:01:15
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10 हिंदी के मुहावरे जो आपने बचपन में जरूर पढ़े होंगे
14 सितंबर, 1949 के दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था। तब से हर साल यह दिन हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है। बचपन में हिंदी की क्‍लॉस में मास्‍टर जी ने हम सभी को नए-नए मुहावरे जरूर सुनाए होंगे। तो क्‍यों न इन मुहावरों या कहावतों को फिर से दोहरा जाए....


1. अर्थ : किसी अयोग्य पुरुष को ऐसी वस्तु मिल जाना जिसके लिए वह योग्य न हो।


2. अर्थ : शक्तिशाली की ही विजय होती है।


3. अर्थ : काम के शुरू होते ही विघ्नों का पड़ना।


4. अर्थ : जो कहे कुछ और करे कुछ।


5. अर्थ : पुराणी वस्तु ही स्थिर रहती है, नई नहीं।


6. अर्थ : न कारण रहेगा, न काम होगा।


7. अर्थ : बचपन में ही श्रेष्ठ व्यक्ति के गुण दिखाई दे जाते हैं।


8. अर्थ : संगठन के बिना सफलता प्राप्त नहीं होती।


9. अर्थ : जब कोई जान-बुझकर ऐसी बात करता है जिससे विपत्ति आती है।


10. अर्थ : जब कोई किसी अच्छे कार्य के लिए कहीं जाता है, किन्तु व्यर्थ के कामों में फंस जाता है।

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