लियानार्डो दा विंची की पेंटिंग, क़ीमत 2900 करोड़ रुपये, पता अबू धाबी म्यूज़ियम

By: Satyendra Singh | Publish Date: Thu 07-Dec-2017 10:06:06   |  Modified Date: Thu 07-Dec-2017 10:07:07
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लियानार्डो दा विंची की पेंटिंग, क़ीमत 2900 करोड़ रुपये, पता अबू धाबी म्यूज़ियम
लियोनार्डो दा विंची की बनाई गई क्राइस्ट की पेंटिंग 'लूवर अबू धाबी म्यूज़ियम' भेजी जा रही है। ये पेटिंग 500 बरस पुरानी है।

हाल ही में खुले 'लूवर अबू धाबी म्यूज़ियम' ने इसकी घोषणा ट्विटर पर की है।

हालांकि म्यूज़ियम ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि पेंटिंग इसी महीने हुई नीलामी में खरीदी गई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ये पेंटिंग सऊदी अरब के प्रिंस ने खरीदी है।

Leonardo da Vinci, Salvator Mundi, 450 million dollar painting, Lauvre Abu Dhabi museum, Abu Dhabi
'सल्वाटोर मुंदी' या 'दुनिया का रक्षक' नाम की ये पेंटिंग न्यूयॉर्क में 450 मिलियन डॉलर की रिकॉर्ड कीमत पर नीलाम हुई है।

भारतीय मुद्रा में ये रकम 2,900 करोड़ रुपये के क़रीब बनती है। ये कला के क्षेत्र में हुई अब तक की सबसे महंगी नीलामी कही जा रही है।

बीस मिनट तक चली नीलामी में एक अज्ञात खरीदार ने टेलीफोन पर बोली लगाकर पेंटिंग अपने नाम की थी।

Da Vinci's Salvator Mundi is coming to #LouvreAbuDhabi pic.twitter.com/Zdstx6YFZG

— Louvre Abu Dhabi (@LouvreAbuDhabi) December 6, 2017


लियोनार्डो दा विंची
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पेंटिंग को सऊदी अरब के प्रिंस बाबर बिन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद बिन फरहान अल सऊद ने खरीदा था।

अख़बार ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए यह खबर प्रकाशित की थी।

लियोनार्डो दा विंची की मौत 1519 में हुई थी। वर्तमान में उनकी 20 से कम पेंटिंग मौजूद है।

माना जाता है कि लियोनार्डो दा विंची ने 'सल्वाटोर मुंदी' 1505 के बाद बनाई थी और संभवत: ये उनकी इकलौती ऐसी पेंटिंग है जो निजी हाथों में है।

संयुक्त अरब अमीरात में 'लूवर अबू धाबी' म्यूज़ियम की शुरुआत इस महीने हुई है। एक अरब पाउंड की लागत से ये म्यूज़ियम 10 सालों में बनकर तैयार हुआ है।

Leonardo da Vinci, Salvator Mundi, 450 million dollar painting, Lauvre Abu Dhabi museum, Abu Dhabi
'लूव्र म्यूज़ियम'

इस म्यूज़ियम में 600 कलाकृतियां स्थाई रूप से तो 300 आर्टवर्क फ्रांस से उधार लेकर रखे गए हैं।

इसकी स्थापना में पेरिस के विश्व विख्यात 'लूव्र म्यूज़ियम' की मदद से हुई है।

उधार की कलाकृतियों, लूव्र नाम और प्रबंधकीय सलाह के लिए ये म्यूज़ियम, पेरिस को अरबों रुपए देता है।

10 सालों तक इसके निर्माण में 863 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। यहां स्थायी रूप से 600 कलाएं हैं, जबकि 300 फ्रांस से उधार ली गई हैं।

प्रबंधकीय सलाह और 'लूव्र' नाम के इस्तेमाल के लिए 'लूव्र अबू धाबी म्यूज़ियम' पेरिस को करोड़ों डॉलर की रकम अदा करता है।

 

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