31 दिसंबर तक अपना म्यूचुअल फंड अकाउंट आधार से करा लें लिंक, वर्ना...

By: Inextlive | Publish Date: Thu 07-Dec-2017 07:28:30   |  Modified Date: Thu 07-Dec-2017 07:32:50
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31 दिसंबर तक अपना म्यूचुअल फंड अकाउंट आधार से करा लें लिंक, वर्ना...
हर महीने म्यूचुअल फंड मैं इन्वेस्टमेंट करने वाले लोग इन दिनो बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं. क्योंकि 31 दिसंबर तक म्यूचुअल फंड अकाउंट को आधार लिंक नहीं कराया तो तो ट्रांजेक्शन बंद हो जाएगा.

RANCHI: बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर आनंद कुमार बताते हैं कि बैंकों में इन दिनो बहुत सारे लोग म्यूचुअल फंड अकाउंट से आधार लिंक कराने पहुंच रहे हैं. हालांकि, यह दस मिनट का काम है, लेकिन सभी लोगों के लिए अनिवार्य है. वहीं, थड़पखना स्थित केनरा बैंक के सीनियर मैनेजर दीपक कुमार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में आधार लिंक कराने में सिर्फ 10 मिनट लगता है. लेकिन, ज्यादा लोग होने के कारण बैंकों में लाइन लग रही है.

 

31 दिसंबर है डेडलाइन

म्यूचुअल फंड अकाउंट को आधार लिंक कराने के लिए सरकार ने 31 दिसंबर तक का समय दिया है. यह एक तरह का केवाईसी है. इसके तहत आधार से लिंक नहीं कराने वाले अकाउंट से ट्रांजेक्शन पूरी तरह से बंद हो जाएगा. उस अकाउंट में ना तो पैसा डाल सकेंगे और ना ही निकाल सकेंगे. हालांकि सेविंग इन्वेस्टमेंट प्लान वाले अकाउंट में ऐसी कोई बात नहीं है.

 

क्या होंगे फायदे

1-ऑनलाइन म्यूचुअल फं ड ट्राजेक्शंस के लिए आधार का इस्तेमाल नो योर क्लाइंट चेक के लिए किया जा सकता है.

2-आधार से ऑनलाइन केवाईसी करने वाले इनवेस्टर्स को म्यूचुअल फंड के पास जाकर फार्म जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती और ना ही उन्हें सिग्नेचर मिलाने के लिए वहां जाना पड़ता है.

3-कुछ ब्रोकर अपनी इंडस्ट्री के लिए आधार ई-केवाईसी की सहूलियत की मांग कर रहे हैं. इससे अनिवार्य बनाने से स्टॉक मार्केट से जुड़ी कुछ गड़बडि़यों को दूर करने में मदद मिलेगी.

 

क्या है परेशानी

रांची के ब्रोकरों का कहना है कि मल्टीपल पैन और फेक डीमैट अकाउंट्स के जरिए अभी भी काला धन शेयर बाजार में लाया जा रहा है. आधार को अनिवार्य बनाए जाने के बाद कितने पुराने क्लाइंट उसके साथ बने रहेंगे. इससे आईपीओ मार्केट में भी पार्टिसिपेशन कम होगा. लेकिन यह अस्थाई दिक्कत होगी.

 

निवेश के फंड की वैधता पता चलेगी

सरकार ने आधार का दायरा बढ़ाते हुए इसे म्यूचुअल फंड प्रोफ ाइल से भी जोड़ना अनिवार्य कर दिया है. यह अनिवार्यता प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है. इसे लिंक करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2017 निर्धारित की गई है. निवेशकों की ओर से म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए इस वन टाइम प्रॉसेस को पूरा करना जरूरी है. साथ ही जो संशोधन ई-केवाइसी के नियमों में किए गए हैं, उनकी मदद से निवेश में इस्तेमाल होने वाले फंड्स की वैधता की जांच होगी.

 

 

रांची के इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट पूरनमल प्रदीप कुमार जैन बताते हैं कि ऑनलाइन म्यूचुअल फंड ट्राजेक्शंस के लिए आधार का इस्तेमाल नो योर क्लाइंट चेक के लिए किया जा सकता है.

पूरनमल प्रदीप कुमार जैन, इन्वेस्टमेंट कंसल्टेट, रांची