- एमडी ट्रांसमिशन ने की मिशन 2016 के कार्यो की समीक्षा

- 2016 तक प्रदेश में बनाए जाने हैं 128 ट्रांसमिशन

Meerut: ट्रांसमिशन लाइन का निरीक्षण करने आए पॉवर कारपोरेशन के एमडी विशाल चौहान को पीवीवीएनएल में ट्रांसमिशनों पर लोड को लेकर कई खामियां मिली। एमडी को सबसे बड़ी खामी लोड मैनेजमेंट को लेकर मिली। गुस्साए एमडी ने अफसरों को जमकर फटकार लगाई। इसके साथ ही अधूरे पड़े मुरादनगर 400 केवी ट्रांसमिशन इस माह के अंत तक शुरू करने के निर्देश दिए।

मेरठ पहुंचे ट्रांसमिशन एमडी

पावर कारपोरेशन की ट्रांसमिशन विंग के एमडी विशाल चौहान सोमवार को मेरठ पहुंचे। एमडी ने यहां सीएम के 2016 प्लान की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई ट्रांसमिशन की प्रोगे्रस रिपोर्ट सही मिली तो कईयों की स्थिति काफी खराब मिली। सबसे बड़ी समस्या कई स्थानों जमीन उपलब्ध न होने से संबंधित पाई गई। एमडी ने अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य हर हाल में समय से पूरा कर लिया जाए। इसके अलावा जिस अधिकारी के क्षेत्र में लापरवाही मिली उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यहां मिली खामियां

निरीक्षण के दौरान एमडी को मिला कि कई ट्रांसमिशन पर भारी ओवरलोड था, तो कई बिल्कुल खाली चल रहे थे। इस दौरान 8 ट्रांसमिशन ऐसे मिले जहां पूरी क्षमता खाली पड़ी है। पीवीवीएनल के विजय विश्वास पंत से उन्होंने इस संबंध चर्चा करते हुए लोड मिसमैनेजमेंट को सुधारने की बात पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान दो सभी अधिकारियों ने कमिश्नर से मिलकर ट्रांसमिशन के लिए जमीन दिलाने की मांग की।

क्या है 2016 योजना

मुख्यमंत्री के निर्देशों के मुताबिक अक्टूबर 2016 तक जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील में 20 तथा गांवों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के मिशन 2016 के कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 132 केवी से लेकर 765 केवी हाईवोल्टेज क्षमता के कुल 128 ट्रांसमिशन बनने हैं।