-पार्लर बिजनेस और कार बाजार में जीएसटी दरों का असर ज्यादा

PATNA: जीएसटी की नई दरें एक जुलाई से लागू होगी. इसके लिए क्ख्0भ् कैटेगरी के टैक्स रेट तय हो गए हैं. बाजार जीएसटी के माध्यम से सिंगल टैक्स के लिए तैयार हो रहा है. लेकिन ग्राहकों के लिए फिलहाल उन सामानों की खरीदारी के लिए सबसे मुफीद समय साबित हो सकता है, जो कि एक जुलाई से महंगी हो जाएगी. कास्मेटिक आइटम, गृह निर्माण की सामाग्री और लग्जरी कारों का बाजार इससे प्रभावित हो रहा है. ग्राहक इन प्रोडक्ट के लिए बाजार में उमड़ रहे हैं. नई दरों के आने से जहां कास्मेटिक प्रोडक्ट पहले के मुकाबले तीन से क्फ् प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे, वहीं लग्जरी कारों के बाजार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

महिलाएं हैं नाखुश

कॉस्मेटिक आइटम के प्रोडक्ट की दरें पहले से तय क्भ् प्रतिशत की बजाय क्8 से ख्8 प्रतिशत तक महंगी हो जाएगी. इससे न केवल ब्यूटी प्रोडक्ट महंगे हो जाएंगे, बल्कि जो घरों में ब्यूटी प्रोडक्ट यूज कर रही हैं. जैसे हेयर डाई आदि सभी महंगे हो जाएंगे. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने इसे लेकर महिलाओं से बात की तो उनमें नाखुशी दिखी. जगदेव पथ की पूजा सिंह का कहना है कि एक ओर महिलाओं के लिए घर का बजट संभालना और दूसरी ओर अपने पसर्नल केयर का भी बजट संभालने का बोझ बढ़ जाएगा. बोरिंग रोड निवासी अनिता जायसवाल का कहना है कि सर्विस टैक्स और प्रोडक्ट पर बढ़े टैक्स की दोहरी मार पड़ेगी.

बहुत असर नहीं होना चाहिए

हालांकि पार्लर बिजनेस पर असर तो पड़ेगा लेकिन यह बहुत नकारात्मक नहीं होगा. ब्यूटी आइलैंड की ओनर अनुपमा वत्स का मानना है कि इसकी दरें जुलाई से लागू होनी है. पहले की तुलना में अधिकतम क्फ् प्रतिशत तक ब्यूटी प्रोडक्ट की दर बढ़ जाएगी. सर्विसेज तो महंगी होंगी ही. ज्ञात हो कि पहले महिलाएं पार्लर ओकेजनली जाती थीं, अब यह रूटीन लाइफ का हिस्सा है. शायद इसे देखते हुए कहा जा रहा है अधिक फर्क नहीं पड़ना चाहिए.

रियल एस्टेट में असमंजस

नवंबर में नोटबंदी होने से रियल इस्टेट का कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हुआ और जब दो-तीन महीने से संभलने का प्रयास कर रहा है उसी बीच घर बनाने के सामान महंगे

होने की बात से रियल एस्टेट इंडस्ट्री में थोड़ी वेट एंड वाच की स्थिति है. इस सेक्टर के लिए अभी काम्प्रीहेंसिव डिटेल नहीं आया है. ज्ञात हो कि यह एक ऐसा सेक्टर है जो कि संवेदनशील है. जहां एक ओर वैट स्टेट टू स्टेट बदलता है, वहीं सर्विस टैक्स, रजिस्ट्रेशन फी आदि सहित अन्य टैक्स अलग स्थिति में धकेल देता है.

कार खरीदने उमडे़ लोग

कार बाजार का हाल देखें तो जीएसटी रेट के आने पर पता चलता है कि कुलमिलाकर अधिक टैक्स ग्राहकों को पे करना होगा. छोटी कारों पर जहां ख्9 प्रतिशत टैक्स लगने की उम्मीद है वहीं लग्जरी और बड़ी गाडि़यों पर कुल मिलाकर ब्फ् प्रतिशत तक टैक्स हो जाएगा. इसलिए शुक्रवार को बोरिंग रोड स्थित कॉर्लो ऑटोमोबाइल में लोग उमड़ पड़े. इसी प्रकार पहले से शांत पड़े लग्जरी कारों के सेगमेंट में भी ग्राहकों की ओर से बुकिंग बढ़ने की खबर है.

घर बनाना होगा महंगा

यदि आप खुद ही अपनी घर पूरा कर रहे हैं तो उसमें भी आपको जीएसटी की मार झेलनी पड़ सकती है. उदाहरण के लिए फ्लोर कवरिंग, बाथरूम के सामान और अन्य प्लास्टिक के उत्पाद पर पहले से क्8.क् प्रतिशत से बढ़ाकर ख्8 प्रतिशत टैक्स कर दिया गया है.