विदेशी जमीन पर हिंदुस्‍तानी छोरी का फुटबॉल में जलवा

By: Molly Seth | Publish Date: Wed 28-Sep-2016 04:21:00
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विदेशी जमीन पर हिंदुस्‍तानी छोरी का फुटबॉल में जलवा
दिल्‍ली की गलियों में फुटबाल खेलते हुए बड़ी होने वाली भारतीय मूल की फुटबॉल खिलाड़ी अदिति चौहान को द एशियन फुटबॉल अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया है। फुटबाल में गोलकीपर के तौर पर खेलने वाली अदिति इस पुरस्‍कार को पाने वाली पहली भारतीय फुटबॉलर बन गई हैं। अदिति को इंग्लिश प्रीमियर लीग की वेस्ट हैम यूनाइटेड के लिए अपने पहले ही सीजन में कई दिग्गजों को पछाड़ने के बाद ये सम्‍मान हासिल हुआ है।

एक और भारतीय खिलाड़ी भी थी लिस्‍ट में
द एशियन फुटबॉल अवॉर्ड भारत के नजरिए से काफी खास रहा क्‍योंकि इस पुरस्‍कार को जीतने वाली भारतीय मूल की महिला खिलाड़ी अदिति चौहान के साथ नामांकित लोगों में एक और भारतीय फुटबॉलर तन्‍वी हंस भी शामिल थीं। इसी साल अगस्त में अदिति इंग्लिश प्रीमियर लीग में जगह बनाई थी। ऐसा करने वाली पहली भारतीय फुटबॉलर बनी थीं। अदिति के लिए भी ये एक सपने के सच होने जैसा था। उनका कहना है कि उन्‍होंने इसके लिए बहुत प्रयास किया था।

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पूरे सीजन की परफार्मेंस के आधार पर मिलता है पुरस्‍कार
एशियन फुटबॉल अवॉर्ड हर साल एशियन मूल के उस खिलाड़ी को मिलता है, जो पूरे सीजन में सारे खिलाड़ियों से बेहतर खेल का प्रदर्शन करता है। वेस्ट हैम की महिला टीम में गोलकीपर अदिति ने इस सीजन में शानदार खेल का प्रदर्शन किया और उसी आधार पर वे 'द एशियन फुटबॉल अवॉर्ड' की हकदार बनीं।

शानदार गोलकीपर हैं अदिति
अदिति कितनी जबरदस्‍त गोलकीपर हैं ये ब्रिटेन के थुरॉक में हुए एक दिलचस्प फुटबॉल मुकाबले से ही प्रमाणित हो जाता है जिसमें उन्‍होंने   पैनल्टी शूट आउट में बेहतरीन खेल दिखाते हुए विरोधी टीम के 3 गोल रोके। जिसके चलते एफए महिला प्रीमियर लीग में उनकी टीम वैस्ट हैम यूनाईटेड फुटबॉल क्लब की जीत का रास्ता साफ हो गया था।

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करना पड़ा संघर्ष
अदिति की कामयाबी का सफर आसान नहीं रहा है। पिछले साल ही वे ब्रिटेन के फुटबॉल क्लब में प्रोफेशनल रूप से फुटबॉल खेलने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं। इसके तुरंत बाद ही स्टुडेंट वीजा की अवधि समाप्त हो जाने के कारण उन्हें जनवरी में भारत लौटना पड़ा था। बाद में उनके बेहतरीन खेल के चलते लोबोर्फ यूनिवर्सिटी जहां वो पढ़ाई कर रही थी, ने ही नौकरी ऑफर करके वापस बुला लिया ताकि वो उनकी टीम के साथ जुड़ी रह सकें।

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