डेढ़ लाख बच्चों के मिड-डे मील पर संकट

By: Inextlive | Publish Date: Wed 15-Nov-2017 07:00:15
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- 31 दिसम्बर तक सभी बच्चों को आधार नंबर से जोड़ना जरूरी

- अधिकांश आधार सेंटर बंद कर दिये जाने से हो रही परेशानी

- टीचर्स को ट्रेनिंग दी, पर नहीं दी जा रही मशीन

DEHRADUN : नये साल में राज्यभर के 1.60 लाख स्कूली बच्चों का मिड- डे मील आधार कार्ड नहीं बन पाने के कारण खतरे में पड़ सकता है। पिछले महीने बड़ी संख्या में आधार केन्द्र बंद हो जाने के कारण बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन पा रह हैं। स्कूली बच्चों के आधार कार्ड बनाने में तेजी लाने के इरादे से कुछ महीने पहले अध्यापकों को ट्रेनिंग भी दी गई थी, लेकिन यूनिक आईडेंटिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) से मशीनें न मिल पाने के कारण टीचर्स से आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पा रही है.

फ्क् दिसम्बर तक नंबर जरूरी

केन्द्र सरकार की योजना के अनुसार स्कूलों में मिड- डे मील पाने वाले सभी बच्चों का फ्क् दिसम्बर तक हर हाल में आधार नंबर जमा करना होगा। जिन बच्चों का आधार नंबर नहीं होगा, उन्हें पहली जनवरी से मिड डे मील नहीं मिलेगा। केन्द्र सरकार की ओर से पहले आधार नंबर उपलब्ध कराने के लिए फ्क् जुलाई तक की समय सीमा दी गई थी। बाद में इसे बढ़ा कर फ्0 सितम्बर किया गया और अब अंतिम रूप से फ्क् दिसम्बर तक की समय सीमा दी गई है.

क्.म्0 लाख बच्चों के नहीं कार्ड

राज्य में इस समय करीब 7.ब्9 लाख बच्चों को हर रोज मिड- डे मील दिया जा रहा है। इनमें से म्.फ्ब् लाख बच्चों के आधार कार्ड बना कर एमडीएम से लिंक कर दिये गये हैं, लेकिन क्.म्0 लाख बच्चों के अब तक आधार कार्ड नहीं बन पाये हैं। यदि आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई तो अगले वर्ष एक जनवरी से इन बच्चों को स्कूल में दिन के भोजन से वंचित रहना पड़ सकता है.

फिलहाल ठप है काम

पिछले महीने प्राइवेट एजेसियों द्वार चलाये जाने वाले सैकड़ों आधार सेंटर बंद कर दिये जाने से फिलहाल स्कूली बच्चों के आधार कार्ड बनाने का काम लगभग बंद है। हालांकि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार राज्य में फिलहाल ख्क्0 आधार सेंटर चल रहे हैं, जबकि पहले फ्भ्0 से अधिक सेंटर थे। जो ख्क्0 सेंटर चालू हालत में बताये गये हैं, उनमें भी अधिकांश कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में हर जिले में गिने- चुने आधार सेंटर ही चल रहे हैं। इन सेंटरों तक स्कूली बच्चों को ले जाने काफी कठिन हो रहा है.

नहीं मिल रही मशीनें

स्कूली बच्चों के आधार कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने के लिए बड़ी संख्या में टीचर्स को कार्ड बनाने की ट्रेनिंग दी गई थी। लेकिन यूआईडीएआई द्वारा मशीनें उपलब्ध न करवाये जाने के कारण इन ट्रेंड शिक्षकों से काम लेना संभव नहीं हो पा रहा है। शिक्षा विभाग ने हर ब्लॉक में दो अथवा तीन मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि जिन बच्चों के अब तक आधार कार्ड नहीं बने हैं, उनमें कार्ड फ्क् दिसम्बर से पहले बन लिये जाएं.

डेढ़ लाख के करीब बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं। हमने मशीनें उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। मशीनें मिल जाने के बाद बच्चों के आधार कार्ड बनाने में देर नहीं लगेगी। फ्क् दिसम्बर से पहले सभी बच्चों के कार्ड हर हाल में बना दिये जाएंगे। आधार कार्ड न होने से किसी बच्चे को मिड- डे मील से वंचित नहीं रखा जाएगा.

वाई के बिष्ट, ज्वांइट डायरेक्टर, मिड डे मील

प्वाइंटर्स

7.ब्9 लाख बच्चों को राज्य में हर रोज दिया जा रहा मिड- डे मील.

म्.फ्ब् लाख बच्चों के आधार कार्ड एमडीएम से हुए लिंक.

क्.म्0 लाख बच्चों के नहीं बन पाए हैं आधार कार्ड.

ख्क्0 आधार सेंटर राज्य में चल रहे हैं सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार।

फ्भ्0 से अधिक सेंटर पहले थे। जिन्हें बंद कर दिया गया।

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