ऐसी है फिल्‍म की कहानी
फिल्म की कहानी आधारित है एक मां चंदा (स्‍वरा भास्‍कर) और उसकी बेटी अप्पू (रिया शुक्ला) पर। चंदा पेशे से एक नौकरानी है। वह चमड़े के जूते की फैक्ट्री में भी काम करती है, ताकि उसकी बेटी के स्कूल की पढ़ाई और घर का खर्च निकाल सके। इसके बावजूद अप्पू का मन पढ़ाई में बिल्कुल भी नहीं लगता। ख़ासतौर से गणित में तो वह बिल्‍कुल ही जीरो है। इसकी वजह से चंदा अक्‍सर ही परेशान रहती है। वहीं बाद में कुछ ऐसा होता है, जिसके कारण चंदा भी अप्पू के स्कूल में पढ़ाई करने के लिए चली जाती है। फिल्‍म में सबसे ज्‍यादा रिफ्रेशिंग है, निर्देशक अय्यैर के इसको बयां करने का अंदाज। उन्‍होंने मां-बेटी के बीच सपनों और हकीकत की दुनिया को इतनी मजबूती के साथ कसा है कि वो ही सीन में नजर आता है।

'Nil Battey Sannata'
U; Drama
Director: Ashwiny Iyer Tiwari
Cast: Swara Bhaskar, Ria Shukla, Ratna Pathak Shah, Pankaj Tripathi
movie review : कसे हुए प्‍लॉट और किरदारों ने निल बटे सन्‍नाटा को भी करा दिया पास
फिल्‍म का निर्देशन है जबरदस्‍त
फिल्‍म के हर एक सीन में अय्यैर का निर्देशन काफी कॉन्‍फिडेंट और मजबूत नजर आता है। फिल्‍म के निर्देशन से पहले उन्‍होंने कई तरह के बच्‍चों से बात की और अप्‍पू को उस व्‍यक्‍ितत्‍व में ढालने में सफल भी हुए। फिल्‍म की एक्‍ट्रेस स्‍वरा भास्‍कर ने भी अपने किरदार के मूड को पूरी तरह से पकड़ने की कोशिश की है और इस कोशिश में कामयाब भी हुईं। कैमरे के आगे वह पहले से भी ज्‍यादा मंझी हुई नजर आईं।



किरदारों ने किया पूरी तरह से न्‍याय
सिर्फ स्‍वरा ही नहीं पंकज त्रिपाठी भी अपने किरदार में काफी मजबूत नजर आए। स्‍कूल के प्रिंसिपल मिस्‍टर श्रिवास्‍तव के किरदार के साथ उन्‍होंने भी पूरी तरह से न्‍याय किया है। इनके बाद नाम आता है रतना पाठक का। उनकी अदाकारी के साथ तो किसी को भी कोई शक हो ही नहीं सकता। ऐसे मंझे हुए कलाकारों के साथ फिल्‍म का प्‍लॉट पूरी तरह से मेल खाता है और फिल्‍म के प्रदर्शन को मजबूत बनाता है।   

Review by : Shubha Shetty Saha
shubha.shetty@mid-day.com

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