20 लाख दबाए बैठा है नगर निगम

खौफ का बहाना, पार्क को नहीं बनाना

नौचंदी मैदान में सभी मूर्तियों को एकत्र कर बनाना था पार्क

साल भर पहले तत्कालीन कमिश्नर ने दिया था प्रस्ताव

Meerut. नगर निगम एक साल पहले पास हुए प्रस्ताव की 20 लाख रुपये की राशि को अब तक दबाए बैठा है. दरअसल, बीस लाख रूपये की लागत से नौचंदी ग्राउंड में लगी सभी मूर्तियों को एकत्र कर एक पार्क बनाया जाना है. प्रस्ताव पास होने के बाद भी निगम अभी तक उस पार्क का निर्माण नहीं करा पाया है. निगम के अधिकारी बिना किसी से बात करे विवाद होने की बात कहकर काम को लटका रहे हैं.

दिया था प्रस्ताव

एक साल पहले नौचंदी ग्राउंड के सौंदर्यीकरण के लिए यह प्रस्ताव तत्कालीन कमिश्नर आलोक सिन्हा ने दिया था. प्रस्ताव के तहत नौचंदी ग्राउंड को समतल करना, उसकी बाउंड्रीवॉल करना तथा ग्राउंड में लगी मूर्तियों को एक स्थान पर लगाकर पार्क का निर्माण करना था. इस काम के लिए अवस्थापना निधि से बीस लाख रूपये खर्च होना तय हुआ था.

ठप्प पड़ी योजना

नगर निगम के खाते में पिछले एक साल 20 लाख रूपये पड़ा हुआ है. इस पैसे से न तो निगम ने वह काम कराया, जिसके लिए यह पैसे आए थे और न ही किसी अन्य विकास कार्य में इन पैसों का इस्तेमाल किया.

हमारे पास प्रस्ताव की पूरी जानकारी थी. काम शुरू होने की बात थी लेकिन काम शुरू क्यों नहीं हुआ, इसकी जानकारी की जाएगी.

राकेश शर्मा, पार्षद, वार्ड 67

मूर्तियों को एक जगह लगाकर पार्क का निर्माण करना अच्छा प्रस्ताव है. लेकिन उसकी देख-रेख भी होनी चाहिए, जिससे पार्क की सुंदरता बनी रहे.

मनोज वर्मा

नौचंदी ग्राउंड का सौंदर्यीकरण तो होना ही चाहिए. यह एक ऐतिहासिक मैदान है. इस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए. मूर्तियों को एक जगह करना तो अच्छी पहली थी.

राकेश गौड़

नगर निगम को शहर की सफाई करना ही नहीं चाहता. न तो निगम के अधिकारी काम करना चाहते हैं और न ही कर्मचारी. जब काम करने की इच्छाशक्ति होगी, तब ही कुछ हो पाएगा.

धीरज शर्मा

नौचंदी ग्राउंड में मूर्तियों को एक जगह पर लाकर पार्क का निर्माण करना था. लेकिन मूर्तियों को हटाने से विवाद होने के कारण उनको हटाया नहीं गया है. इस पर दोबारा से बात की जाएगी.

कुलभूषण वाष्र्णेय, चीफ इंजीनियर, नगर निगम