PATNA: हत्या के मामले में बीते 36 वर्षो से फरार चल रहे एक अभियुक्त को पटना पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद यूपी की धर्म नगरी अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया है. फरार आरोपी पटना हाईकोर्ट से उम्रकैद का सजायाफ्ता है. जिसे पुलिस ने अयोध्या के एक मठ से पकड़ा है. पुलिस की मानें तो यह वर्षो से मठ में पुजारी बनकर सीधे साधे लोगों को गुमराह कर रहा था.

हत्या का वांछित था आरोपी

बिहटा थाना क्षेत्र के नेऊरी गांव निवासी सुगन सिंह की हत्या वर्ष 1981 में गोली मारकर कर दी गई थी. इस मामले में नेऊनी गांव निवासी सुरेश सिंह को पटना हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाया थी. सजा मिलने की सूचना मिलते ही सुरेश सिंह सिंह फरार हो गया. पीडि़त पक्ष के आग्रह पर पटना हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुये सुरेश सिंह को शीघ्र गिरफ्तार करने का आदेश पटना पुलिस को दिया हैं.

हाईकोर्ट के कड़े निर्देश के बाद हरकत में आई पुलिस

कोर्ट के सख्त लहजे के बाद पटना पुलिस हरकत में आ गई. एसएसपी मनु महाराज ने सीटी एसपी पश्चिमी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में टीम गठित किया था. जिसमें बिहटा इंस्पेक्टर रंजीत कुमार, सुशांत कुमार मंडल टीम में शामिल थे. पुलिस पर आंच आई तो जांच में जुटी गई.

मठ पर कजे की तैयारी में था आरोपी

इस दौरान लोगों से बातचीत में पुलिस को पता चला कि सुरेश सिंह अयोध्या मठ की जमीन हड़पने की नीयत से एक व्यक्ति को भी अपने करीबियों के साथ मिलकर एक सप्ताह पूर्व गायब करवा चुका है.

बदल लिया था हुलिया

पुलिस ने पाया कि फरार सुरेश सिंह यूपी के फैजाबाद स्थित अयोध्या के मठ में पुजारी बनकर रह रहा है. उसने अपना हुलिया बदलकर एक वरिष्ठ स्वामी जैसा बना रखा था. जिससे उसे कोई पहचान नहीं सके. मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने अयोध्या के साकेत भवन (मठ) से नाकेबंदी करके फरार सुरेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया. सुरेश सिंह ने पहले तो पहचान छिपाने के लिए पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की. लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से उससे कई सवाल किए तो वह टूट गया.

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