ह्मड्डठ्ठष्द्धद्ब : नगर की सरकार ईवीएम में बंद हो चुकी है. ईवीएम सील कर पंडरा स्थित कृषि बाजार प्रांगण समिति में बनाए गए वज्रगृह में कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचा दिए गए हैं. अब 20 अप्रैल को मतगणना के बाद यह पता चलेगा कि शहर की सरकार चलाने का दारोमदार किनके हाथों में होगा. इससे पहले सोमवार को शहर की आधी आबादी ने निकाय चुनाव में मतदान कर नगर सरकार की बुनियाद खड़ी कर दी है. इस दौरान कड़ी धूप के बाद भी जमकर वोटों की बारिश हुई. इस बार करीब 49.3 परसेंट वोटिंग हुई, जो पिछले चुनाव की तुलना में करीब 15 प्रतिशत ज्यादा है.

बढ़-चढ़कर रही भागीदारी

सोमवार की सुबह 7 बजे से शुरु हुए मतदान में शाम पांच बजे तक वोटर्स ने बढचढ़कर हिस्सा लिया.अगर छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो मतदाताओं के जोश के आगे मौसम के तीखे तेवर भी फीके पड़ गए. बूथों पर अहले सुबह से जिस तरह लोग पहुंचे और वोट डाला वह चकित कर देने वाला था. हालांकि, परिसीमन के बाद कई बूथों में बदलाव हो गया था. ऐसे में कई मतदाताओं को अपने बूथ का पता ही नहीं चला और बिना वोटिंग वापस आ गए.

कई बूथों पर नाश्ता-पानी का भी इंतजाम

लोग बाकायदा नहा-धोकर और नए कपड़े पहनकर बूथों पर पहुंचते रहे. कई जगह तो लोग पानी के बोतल और कुछ खाने के इंतजाम के साथ आए थे मानो पिकनिक मनाने आए हों. कई जगह महिलाओं का उत्साह देखते बन रहा था. कई बूथों पर तो फिर भी छांव का इंतजाम था पर कई ऐसे बूथ भी थे जहां धूप सीधी पड़ रही थी पर वोटर भी वोट डालने को खड़े थे.

पिछली बार से 15 परसेंट ज्यादा मतदान

रांची में पिछले नगर निगम चुनाव की तुलना में इस बार ज्यादा वोट डाले गए. हालांकि सुबह नौ बजे तक का आंकड़ा मात्र 13 फीसदी था पर बाद में यह सुधरता चला गया और दोपहर तीन बजे तक यह आंकड़ा 35 फीसदी तक पहुंच गया जो शाम पांच बजे तक बढ़कर 49.3 फीसदी पहुंच गया, जो पिछली बार की तुलना में करीब 15 परसेंट ज्यादा है.

20 को खुलेगा उम्मीदवारों के किस्मत का पिटारा

निकाय चुनाव के उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा ईवीएम में बंद हो गया है. 20 अप्रैल को इस पिटारे के साथ मेयर डिप्टी मेयर और 53 पार्षदों की किस्मत भी खुलेगी. जनता ने आने वाले समय में शहर के विकास की जिम्मेदारी किसको सौंपी है इसका खुलासा हो जाएगा.