एलियन प्‍लैनेट खोजने वाला दुनिया का सबसे बड़ा और अनोखा स्‍पेस मिशन

फ्लोरिडा (रॉयटर्स): नासा आज16 अप्रैल को धरती से सबसे बड़ा और अनोखा स्‍पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष की यात्रा पर भेज रहा है। Transit Exoplanet Survey Satellite यानि TESS नाम का यह स्‍पेसक्राफ्ट किसी खास ग्रह की परिक्रमा करने नहीं बल्कि अपने सौरमंडल के बाहर धरती जैसे ग्रह खोजने जा रहा है। नासा का यह मिशन सोमवार को फ्लोरिडा के केप केनवेरल एयरफोर्स स्‍टेशन से स्‍थानीय समयानुसार शाम 6 बजकर 32 मिनट पर SpaceX रॉकेट द्वारा लॉन्‍च किया जाएगा।

20 साल में खोजे गए हजारों ग्रहों की बारीकी से जांच करेगा Tess स्‍पेसक्राफ्ट

नासा का Tess स्‍पेसक्राफ्ट स्‍पेस साइंस से जुड़े सभी अत्‍याधुनिक उपकरण और टेलीस्‍कोप के साथ स्‍पेस एक्‍स के Falcon 9 रॉकेट द्वारा लॉन्‍च किया जा रहा है। अपने सौरमंडल के बाहर मौजूद छोटे या बड़े करीब 3700 ग्रह नासा ने Kepler space टेलीस्‍कोप द्वारा सालों में खोजे हैं। एलियन प्‍लैनेट खोजने के नासा के उसी मिशन को अब Tess स्‍पेसक्राफ्ट और आगे ले जाएगा। यह स्‍पेसक्राफ्ट करीब 60 दिनों की यात्रा के बाद धरती और चांद के बीच एक नए ऑरबिट यानि कक्षा तक पहुंच जाएगा। इसके बाद यह स्‍पेसक्राफ्ट चांद और धरती के बीच हर ढाई हफ्ते में एक परिक्रमा पूरी करेगा। बता दें कि टेस स्‍पेसक्राफ्ट नासा के केप्‍लर टेलीस्‍कोप की ही तरह transit photometry तकनीक का यूज करके सौरमंडल के आसपास के करीब 100 ग्रहों की कड़ी निगरानी करके उनके बारे में हर वो चीज पता लगाएगा, जो वैज्ञानिकों के लिए जरूरी है।

nasa अंतरिक्ष में भेज रहा है अपना प्‍लैनेट हंटर स्‍पेसक्राफ्ट,जो खोजेगा ऐसे ग्रह जहां हो सकते हैं एलियन

जितना छोटा उपग्रह, उतना ही जानदार

एक फ्रिज के आकार के इस स्‍पेसक्राफ्ट में सोलर पैनल के अलावा चार सबसे पावरफुल कैमरे लगे हैं, जो धरती से दिखने वाले करीब 2 लाख चुनिंदा तारों का चक्‍कर लगा रहे ग्रहों की पड़ताल करेगा। नासा इस स्‍पेस मिशन द्वारा कई एलियन प्‍लैनेटे्स का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।

कितना खर्चीला है नासा का यह स्‍पेस मिशन

हमारे सौर मंडल के बाहर धरती जैसे ग्रह खोजने निकले धरती के सबसे पहले मिशन यानि टेस स्‍पेसक्राफ्ट पर नासा ने $337 million डॉलर यानि करीब 22 अरब रुपए खर्च किए हैं। नासा का यह मिशन खर्चीला तो बहुत है, लेकिन अपने आप में कमाल का है। यह स्‍पेसक्राफ्ट हमारे सौरमंडल के बाहर तारों का चक्‍कर लगा रहे धरती जैसे पथरीले और ठोस ग्रहों को खोजने का लाजवाब काम करेगा। बता दें कि टेस मिशन ब्रम्‍हांड में कम गर्म और छोटे तारों का चक्‍कर लगा रहे ग्रहों पर खासतौर पर फोकस करेगा, क्‍योंकि नासा को उम्‍मीद है कि ऐसे ही तारों के ग्रहों पर धरती जैसी जमीन मिल सकती है, जो आगे की जांच में फसलों के लिए उपजाऊ भी हो सकती है।

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